कांग्रेस नेताओं से मिलीं मोदी सरकार की केंद्रीय मंत्री और अपना दल(स) की नेता अनुप्रिया पटेल 

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लोकसभा चुनाव के करीब होने के साथ ही राजनीतिक पार्टियों का जोड़ तोड़ का खेल शुरू हो गया है। चुनाव से पहले सीट बंटवारे जैसी शर्तों को लेकर घटक दल बड़ी पार्टियों से मोल भाव करने में जुटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश में बीजेपी के साथ भी कुछ ऐसा ही है। बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल(सोनेलाल) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर हुई बैठक ने बीजेपी की नींद उड़ा दी है।
बैठक की बात सुनने के बाद बीजेपी ने अपना दल के नेताओं से मिल उनकी मांगें पूरा करने की बात कही है।अपना दल(स) की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। अपना दल (एस) की यह मुलाकात अपनी मांगों को लेकर बीजेपी को दी गई डेडलाइन के खत्म होने के बाद हुई।
बीजेपी के सहयोगी दल के नेता कई दिनों से  आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें  केंद्र और बीजेपी दोनों जगह से नजरअंदाज किया जा रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश बीजेपी की चुनावी कमान संभाल रहे गोवर्धन झड़पिया को ने शुक्रवार को अपने दल के नेता से मुलाकात की और मांगों को लेकर मीटिंग करने का भी आश्वासन दिया।
बीजेपी को दी गई डेडलाइन खत्म होने के बाद गुरुवार को अनुप्रिया पटेल ने बरेली में कहा, हमें बीजेपी में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हमने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से बात कि और 20 फरवरी तक का समय दिया था लेकिन बीजेपी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इससे लगता है कि बीजेपी को अपने सहयोगियों की परेशानी हल करने की कोई परवाह ही नहीं है। ऐसे में अपना दल(स) अपना रास्ता खुद बनाएगी।
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान आशीष पटेल ने कहा कि हम चाहते हैं कि 2019 में एक बार फिर से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बने।हमने इसके लिए कोशिश भी की।हमने उन्हें 20 फरवरी तक का समय भी दिया लेकिन हमारी समस्या का कोई हल नहीं निकाला गया।
28 फरवरी को अपना दल ने  पार्टी की बैठक बुलाई है जिसके बाद फैसला लिया जाएगा। सिंधिया संग मुलाकात को लेकर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में विकल्प हमेशा खुले रहते हैं। वहीं झड़पिया ने कहा कि पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर सबकुछ सामान्य है।
बता दें कि अपना दल(स) की ओबीसी वोट बैंक पर पकड़ अच्छी है। जिसके जरिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में वापसी करना चाहती है।गौरतलब है कि अपना दल से पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने भी भाजपा से नाता तोड़ने की बात कही थी जिसके बाद बुधवार को पार्टी के नेताओं से अमित शाह और सीएम योगी ने मुलाकात की।

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