पीएम मोदी का जन्मदिन आज ,जानिए बीते 9 साल में मोदी ने लिए क्या महत्वपूर्ण फैसले

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। पीएम मोदी पिछले नौ साल से देश के प्रधानमंत्री हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई और नरेंद्र मोदी को देश का 15वां प्रधानमंत्री चुन लिया गया। दोबारा 2019 में भी उन्होंने और बड़े बहुमत से सत्ता में वापसी की और प्रधानमंत्री बनें।पढ़िए, मोदी ने संवैधानिक पद पर रहते हुए अपने कार्यकाल में कौन से 10 बड़े फैसले लिए हैं…

नोटबंदी

प्रधानमंत्री पद के दावेदार रहते हुए 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने कालेधन का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 की रात 8 बजे अचानक 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने का एलान कर दिया। प्रधानमंत्री के इस फैसले की चर्चा पूरी दुनिया में हुई।

पीएम मोदी ने कहा कि इससे कालेधन की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। पीएम मोदी के इस फैसले का एक पक्ष ने विरोध किया तो दूसरे ने खुलकर समर्थन भी किया। इससे पहले 1946 और 1978 में भी नोटों पर रोक लगी थी। हालांकि, तब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर लोगों के पास मौजूद 1000, 5000 और 10,000 के सभी नोट वापस ले लिए थे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के बाद 16 हजार करोड़ रुपए वापस नहीं आए। ये 500 और 1000 रुपए के नोट थे।

सर्जिकल स्ट्राइक
18 सितंबर 2016 की बात है। जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में इंडियन आर्मी के मुख्यालय पर सुबह करीब साढ़े पांच बजे आतंकवादियों ने हमला कर दिया। इसमें 19 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 30 से ज्यादा जवान घायल हुए। जवाबी फायरिंग में चार आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल कमेटी की बैठक की और इस हमले का जवाब देने का फैसला लिया।

मोदी ने ट्वीट करके कहा था कि इस हमले के पीछे शामिल लोगों को सजा जरूरी मिलेगी। इसके बाद 28 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दी। आधी रात यानी 12 बजे MI 17 हेलिकॉप्टरों के जरिए 150 कमांडो एलओसी के पास उतरे। यहां से पैरा 25 कमांडो ने एलओसी पार की और तीन किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। आतंकी हमले का इस तरह से जवाब देने पर पीएम मोदी की चर्चा पूरी दुनिया में हुई।

एयर स्ट्राइक
आतंकवादियों ने 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर दिया। इसमें 40 जवान शहीद हो गए। एक आतंकवादी भी मारा गया। हमले के बाद पूरे देश में गम और गुस्सा देखने को मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं के अध्यक्षों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने आतंकियों को जवाब देने का फैसला लिया। तय हुआ कि एयर स्ट्राइक के जरिए ये काम हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत आदेश जारी कर दिया। इसके बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। इसमें 300-400 आतंकवादी मारे गए थे। भारत के इस कदम को दुनिया के कई देशों ने अपना समर्थन दिया।

कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म
चौंकाने वाला चौथा फैसला कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का रहा। 5 अगस्त 2019 को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर दिया है। इसी दौरान जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्य के गठन का भी एलान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। हिंसा और बवाल की आशंका को देखते हुए जम्मू कश्मीर के कई नेताओं और अलगाववादियों को हिरासत में ले लिया गया। सरकार ने पूरे जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया। पीएम मोदी के इस फैसले की पूरी दुनिया में चर्चा हुई।

तीन तलाक से छुटकारा
22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैर कानूनी घोषित कर दिया। इसके बाद सरकार ने 28 दिसंबर 2017 को मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2017 लोकसभा में पेश किया। पारित होने के बाद इसे राज्यसभा में नहीं भेजा जा सका। 2018 में सरकार ने अध्यादेश के जरिए इसे लागू कर दिया।

2019 में दूसरी बार अध्यादेश लाया गया। इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने एक बार फिर से लोकसभा और राज्यसभा में बिल को पेश किया। दोनों जगह से मंजूरी मिलते ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नया कानून लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से छुटकारा दिलाने के इस फैसले पर बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला तो कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया।

सीएए लागू करने का फैसला
2019 में दोबारा सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को संसद में पेश किया। नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता का अधिकार मिल गया।

यानी इन देशों के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई जो सालों से शरणार्थी की जिंदगी जीने को मजबूर थे, उन्हें भारत की नागरिकता मिलने की प्रक्रिया आसान हो गई। इस फैसले के खिलाफ दिल्ली में हिंसा हुई, जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए। लंबे समय तक आंदोलन हुआ, लेकिन सरकार ने ये फैसला वापस नहीं लिया।

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत
2014 में पहली बार सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। इसे शुरू करते हुए पीएम मोदी ने लोगों से अपने आस-पास साफ-सफाई रखने की गुजारिश की। बाद में सरकार ने स्वच्छता टैक्स यानी सेस भी लागू किया। पीएम मोदी के इस अभियान का व्यापक असर भी दिखा। सरकार ने साफ-सफाई के लिए जिले स्तर पर प्रतियोगिताएं भी शुरू कीं।

पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। वैश्विक मंच से उन्होंने दुनियाभर के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग को जरूरी ठहराया और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मांग की। इसके बाद हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाती है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने एक मई 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लॉन्च की। प्रधानमंत्री की ये महत्वाकांक्षी योजना थी। इसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुफ्त घरेलू गैस कनेक्शन दिया गया। इस योजना के अंतर्गत मार्च 2020 तक वंचित परिवारों को आठ करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया था। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सात सितंबर 2019 को ही आठ करोड़ वें एलपीजी कनेक्शन को सुपुर्द किया। इस योजना से एलपीजी कवरेज एक मई 2016 को 62% से बढ़कर एक अप्रैल 2021 तक 99.8% हो गई। बाद में पीएमयूवाई योजना के तहत 1.6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन का अतिरिक्त आवंटन करने के लिए उज्ज्वला 2.0 योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में किया था।

गरीबों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए आयुष्मान भारत
देश के गरीब नागरिकों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना का एलान किया था। इसके तहत गरीब परिवारों सरकार की तरफ से पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराती है। सभी लाभार्थियों का एक कार्ड बनता है, जिसके जरिए वह पांच लाख रुपए तक का इलाज किसी भी अस्पताल में मुफ्त में करा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को शामिल किया है। जहां लाभार्थी मुफ्त इलाज करा सकते हैं।

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