दावा खारिज किया गया पीएनबी का 315 करोड़ की धोखाधड़ी का : इंग्लैंड हाई कोर्ट

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नई दिल्ली। धोखाधड़ी के एक मामले में पंजाब नेशनल बैक को बड़ा धक्का लगा है। इंग्लैंड और वेल्स के हाई कोर्ट ने भारत और अमेरिका स्थित सात लोगों और दो कंपनियों के खिलाफ 315 करोड़ रुपये (4.5 करोड़ डॉलर) की धोखाधड़ी के पीएनबी की ब्रिटिश इकाई के दावे को खारिज कर दिया है।
जारी किये थे आठ लोन तेल रिफाइन और पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट में । ये लोन 29 मार्च, 2011 से एक दिसंबर, 2014 के बीच दिए गए थे। कर्ज लेने वाले व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ पीएनबीआइएल ने अनुबंध की शर्तो को तोड़ने, गलत जानकारी देने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।
हाई कोर्ट के चीफ मास्टर मार्श ने अपने फैसले में कहा कि बैंक बचावकर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले को तर्कसंगत ढंग से साबित करने में नाकाम रहा। जज ने कहा कि धोखाधड़ी के दावे में जो मुख्य घटक होता है वह इस केस में नहीं है या अगर है भी तो उसे पुख्ता ढंग से पेश नहीं किया गया है।

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पीएनबी द्वारा आरोपित किए गए व्यक्तियों और कंपनियों में रवि श्रीनिवासन, तृशे रिसोर्सेज इंक (यूएसए), वत्सल रंगनाथन, पेस्को बीम इंवॉयरमेंटल सॉल्यूशंस इंक (यूएसए), पेस्को बीम इंवॉयरमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, अनंतरमन शंकर, ल्यूक स्टिंगल और अनंतराम सुब्रमण्यम शामिल थे।
अदालत ने यह भी नोट किया कि बचावपक्ष में से किसी का भी इंग्लैंड से संबंध नहीं है, लेकिन अनुबंध इंग्लैंड में किया गया, लोन के लिए यहीं पर बातचीत की गई और लोन एकाउंट भी यहीं हैं।

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