सैनिक फार्म्स में सीए को ‘हनी-ट्रैप’ में फंसाकर लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार, अशोक चक्र विजेता फौजी निकला मास्टरमाइंड

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिला की नेब सराय थाना पुलिस ने सैनिक फार्म्स इलाके में एक बुजुर्ग चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को हनी-ट्रैप में फंसाकर अपहरण और लूटपाट करने वाले एक हाई-प्रोफाइल गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार अशोक चक्र विजेता सेना का जवान सुरेंद्र और उसकी पत्नी कल्पना है। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई नकदी, सोने की अंगूठियां, एयर गन और पीड़ित का वाहन बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेंद्र (31), उसकी पत्नी कल्पना कुमारी (40), कुलदीप और सुशील शामिल हैं।

घटना 2 मई की है, जब अनुपम गार्डन, सैनिक फार्म्स निवासी 72 वर्षीय मनमोहन गुप्ता अपने घर पर अकेले थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी परिचित कल्पना उनसे मिलने आएगी, लेकिन कल्पना अपने साथियों के साथ घर में दाखिल हुई और बुजुर्ग सीए को बंधक बना लिया। आरोपियों ने घर की अलमारी और दराज से करीब 5.12 लाख रुपये नकद, तीन सोने की अंगूठियां, ड्राइविंग लाइसेंस और क्रेडिट कार्ड आदि लूट लिए। इसके बाद आरोपी पीड़ित को उनकी ही टोयोटा कैमरी कार में अगवा कर मेरठ की ओर ले गए और रास्ते में 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। जब वे फिरौती वसूलने में नाकाम रहे, तो पीड़ित को दिल्ली-मुंबई हाईवे (फिरोजपुर झिरका) के पास छोड़कर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नेब सराय थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पीछा किया। पहले 36 घंटों के भीतर पुलिस ने मथुरा से मुख्य आरोपी कल्पना और सुरेंद्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सुरेंद्र भारतीय सेना का जवान है और उसे 2021 में कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेने के दौरान गोली लगी थी, जिसके लिए उसे 2022 में ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया था। सुरेंद्र और कल्पना की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी और नवंबर 2025 में उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी की थी।

डीसीपी साउथ के अनुसार, मुख्य आरोपियों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने हरियाणा के फतेहाबाद स्थित धानी सांचला गांव में छापेमारी की और फरार चल रहे अन्य दो आरोपियों, कुलदीप और सुशील को 11 मई को दबोच लिया। इनके पास से लूटी गई सोने की चेन और शेष नकदी भी बरामद हो गई है। जांच में सामने आया कि सुरेंद्र की पोस्टिंग वर्तमान में मथुरा में थी, लेकिन वह वहां रिपोर्ट करने के बजाय अपराध की दुनिया में उतर गया। पुलिस ने इस मामले में अपहरण, लूटपाट और जबरन वसूली की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच को अंतिम रूप दे दिया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

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