फेसबुक पर सूट-साड़ी के लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, अलवर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर मासूम लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्थान के अलवर जिले से इस गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक पर ब्रांडेड सूट और साड़ियों के फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को अपना शिकार बनाता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सरूप खान (33 वर्ष), निवासी गांव लोहारवाड़ी, जिला अलवर के रूप में हुई है। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि दिल्ली निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फेसबुक पर आकर्षक छूट वाले विज्ञापन देखने के बाद उनसे ऑर्डर बुकिंग और डिलीवरी के नाम पर कुल ₹49,963 की ठगी की गई। पैसे ट्रांसफर करने के बाद आरोपियों ने उनके नंबर ब्लॉक कर दिए। इस शिकायत पर साइबर थाना शाहदरा में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ऑपरेशंस मोहिंदर सिंह के मार्गदर्शन और साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विनीत कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र राठी, विकास कुमार और संदीप खोकर की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस के माध्यम से पाया कि यह गिरोह राजस्थान के अलवर के लोहारवाड़ी गांव से संचालित हो रहा है। पुलिस टीम ने गांव के अंदरूनी इलाके में छापेमारी कर मुख्य आरोपी सरूप खान को धर दबोचा।

जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह बाजार से ट्रेंडिंग कपड़ों के वीडियो और फोटो इकट्ठा कर फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाता था। ये लोग ग्राहकों को लुभावने दामों का झांसा देकर एडवांस पेमेंट और डिलीवरी चार्ज के नाम पर पैसे ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स’ में मंगवाते थे। आरोपी के पास से बरामद बैंक खातों की जांच में पता चला कि ये खाते पहले भी दो अन्य साइबर शिकायतों से जुड़े हैं, जिनमें करीब ₹60,000 की ठगी की गई थी।

आरोपी और उसका गिरोह ठगी के पैसे को तुरंत अलग-अलग यूपीआई आईडी, बैंक खातों और एटीएम से निकालकर आपस में बांट लेते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों के स्रोतों का पता लगा रही है। शाहदरा पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान विज्ञापनों पर भरोसा न करें और किसी भी अज्ञात लिंक या खाते में अग्रिम भुगतान करने से बचें। मामले में आगे की तफ्तीश जारी है।

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