नकली पुलिस ऑफिसर बनकर 50 लाख की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, हरियाणा से 3 गिरफ्तार, 33.50 लाख कैश और आईफोन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला की स्पेशल स्टाफ और मंगोलपुरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने नकली पुलिस अधिकारी बनकर ठगी और लूटपाट करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को हरियाणा के गोहाना से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपियों की पहचान विनय उर्फ मोंटी (20 वर्ष) और कुलदीप (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से ठगी गई रकम में से 33.50 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर बाइक और ठगी के पैसों से खरीदे गए दो महंगे आईफोन-17 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

डीसीपी बाहरी जिला विक्रम सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 9 मई को राजस्थान के सिरोही निवासी सावाराम ने शिकायत दर्ज कराई थी। सावाराम ने बताया कि वह अपने मालिक के 50 लाख रुपये नकद लेकर पीतमपुरा के तरुण एन्क्लेव जा रहा था। जब वह बस स्टैंड के पास उतरा, तो मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उसे रोका और खुद को पुलिस अधिकारी बताया। आरोपियों ने पूछताछ के बहाने उसे डराया और रुपयों से भरा बैग छीन लिया। उन्होंने पीड़ित को वहीं रुकने के लिए कहा और झांसा देकर फरार हो गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र दलाल के नेतृत्व में मंगोलपुरी थाने के इंस्पेक्टर हितेंद्र और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर रोहित की टीमें गठित की गईं।

पुलिस टीम ने वारदात स्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के हरियाणा के गोहाना में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने गोहाना, सोनीपत में छापेमारी कर विनय उर्फ मोंटी, कुलदीप और उनके एक अन्य नाबालिग साथी को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने लूटे गए पैसों से तुरंत दो एप्पल आईफोन-17 खरीदे थे, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

शुरुआत में डर के कारण पीड़ित ने केवल 9 लाख रुपये लूट की बात कही थी, लेकिन बाद में विस्तृत पूछताछ में खुलासा हुआ कि बैग में कुल 50 लाख रुपये थे। पुलिस ने इस संबंध में मंगोलपुरी थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और शेष रकम की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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