वजीराबाद में 6.5 लाख की स्नेचिंग का नाटक बेनकाब, मास्टरमाइंड कर्मचारी समेत तीन साथी दबोचे गए

नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर लूट की एक कथित बड़ी वारदात का सफल खुलासा करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और सुनियोजित साजिश करार दिया है। पुलिस ने इस मामले में शिकायतकर्ता कर्मचारी सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अपने ही मालिक (चार्टर्ड अकाउंटेंट) के 6.5 लाख रुपये हड़पने के लिए स्नेचिंग का नाटक रचा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मास्टरमाइंड आयुष मिश्रा (20 वर्ष), आशु (28 वर्ष) और आकाश (33 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सभी बुराड़ी के कौशिक एन्क्लेव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई पूरी रकम यानी 6.5 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद कर ली हैं।

उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 4 मई की शाम करीब 6 बजे वजीराबाद थाने को पुराने यमुना पुल के पास लूट की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता आयुष मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह बुराड़ी स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट रोशन के पास काम करता है और दोपहर में वह काले रंग के बैग में 6.5 लाख रुपये लेकर राजेंद्र प्लेस जा रहा था। आयुष के मुताबिक, शिव मंदिर के पास मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उसका बैग छीन लिया और फरार हो गए। पुलिस ने शुरू में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी बुराड़ी शशिकांत गौर के मार्गदर्शन और एसएचओ वजीराबाद प्रशांत आनंद के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई, जिसमें हेड कांस्टेबल मनोज भाटी, संजीव, कांस्टेबल सुमित, नीरज और गौरव शामिल थे।

तफ्तीश के दौरान जब पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की, तो एक फुटेज ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। फुटेज में तथाकथित पीड़ित आयुष मिश्रा मुस्कुराते हुए दिख रहा था और कथित लुटेरे उसी काले बैग के साथ उसका पीछा कर रहे थे। इसके अलावा, वारदात दोपहर 3:30 बजे हुई थी, जबकि आयुष ने पुलिस को शाम 6 बजे कॉल किया। ढाई घंटे के इस अंतराल और बयानों में बार-बार बदलाव करने पर जब पुलिस ने आयुष से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि यह पूरी स्नेचिंग उसने अपने साथियों आशु और आकाश के साथ मिलकर खुद रची थी। आयुष की निशानदेही पर उसके पास से 2.5 लाख रुपये और बाकी के 4 लाख रुपये उसके साथियों के ठिकानों से बरामद किए गए।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि आयुष मिश्रा मूल रूप से आजमगढ़, यूपी का रहने वाला है और कुछ महीने पहले ही दिल्ली अपनी बुआ के घर रहने आया था। वह शराब पीने का आदी है और अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने अपने पड़ोस में रहने वाले आशु और आकाश के साथ मिलकर यह योजना बनाई। योजना के अनुसार, आशु ने आयुष को पैसे ले जाने के लिए मोटरसाइकिल दी थी, जबकि आकाश और आशु ने दूसरी बाइक से उसका पीछा कर बैग छीना और पुलिस को गुमराह करने के लिए खजूरी की तरफ यू-टर्न ले लिया। आरोपी आकाश का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है और वह पहले मॉरिस नगर थाने के एक डकैती मामले में शामिल रहा है। पुलिस ने अब इस मामले में धोखाधड़ी और साजिश की धाराएं जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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