कमला मार्केट इलाके में चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, रोहित मोटा गैंग के शूटरों की साजिश नाकाम, मुठभेड़ के बाद दो खूंखार शूटर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल रेंज ने गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक संक्षिप्त लेकिन भीषण मुठभेड़ के बाद दो कुख्यात शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपांशु उर्फ साहिल उर्फ बाउंसर (28 वर्ष), निवासी करोल बाग और अविनाश (24 वर्ष), निवासी तिब्बिया कॉलेज, करोल बाग के रूप में हुई है। यह दोनों करोल बाग थाना क्षेत्र में हुई एक फायरिंग की घटना में लंबे समय से वांछित थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक पिस्तौल, एक देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, दस खाली खोखे और मालवीय नगर इलाके से चोरी की गई एक भूरे रंग की एक्टिवा स्कूटी बरामद की है। इस कार्रवाई से पुलिस ने दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज लूट और फायरिंग के कई गंभीर मामलों का खुलासा किया है।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ के तहत पुलिस लगातार चिन्हित अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में 9 मई की रात को स्पेशल स्टाफ को गुप्त सूचना मिली कि साहिल उर्फ बाउंसर और अविनाश अपने प्रतिद्वंद्वी ‘रोहित उर्फ मोटा गैंग’ के एक सदस्य की हत्या करने के इरादे से कमला मार्केट इलाके में आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा के पर्यवेक्षण और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तुर्कमान रोड स्थित प्रतिभा विद्यालय और जाकिर हुसैन कॉलेज के पास रणनीतिक रूप से घेराबंदी की। रात करीब 10:20 बजे जब आरोपी स्कूटी पर आते दिखाई दिए, तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया।

खुद को पुलिस से घिरा देख दोनों आरोपियों ने स्कूटी और पास के एक पेड़ की ओट लेकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आरोपियों की ओर से चार राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली इंस्पेक्टर रोहित कुमार की बुलेट प्रूफ जैकेट पर जा लगी। इंस्पेक्टर की जैकेट ने उनकी जान बचाई। इसके बाद पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। हेड कांस्टेबल मुनेश शर्मा और इंस्पेक्टर रोहित कुमार ने आरोपियों के पैरों को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं, जिससे दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। घायल आरोपियों को तुरंत उपचार के लिए एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अपनी नशे की जरूरतों और महंगे शौक को पूरा करने के लिए अपराध की दुनिया में शामिल हुए थे। दीपांशु उर्फ बाउंसर पर पहले से ही लूट और आर्म्स एक्ट के 4 मामले दर्ज हैं, जबकि अविनाश पर भी संगीन आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। ये दोनों करोल बाग में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के बाद से फरार चल रहे थे और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस ने कमला मार्केट थाने में इनके खिलाफ हत्या के प्रयास और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने सहित आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि इलाके में सक्रिय अन्य गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

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