एपीके लिंक भेजकर की थी ठगी, घने जंगलों और पहाड़ियों में पीछा कर पुलिस ने दबोचा, बैंक से लिंक मोबाइल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने झारखंड के दुर्गम जंगलों और पहाड़ी इलाकों में एक साहसिक ऑपरेशन चलाकर साइबर ठगी के आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रवीण राणा (25 वर्ष), निवासी ग्राम कोलडीह, गिरिडीह, झारखंड के रूप में हुई है। आरोपी ने एक पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक खतरनाक एपीके लिंक भेजकर उसके खाते से ₹80,825 उड़ा लिए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल बैंक खाते से जुड़ा व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय पाया गया।

उत्तरी रेंज के जॉइंट सीपी विजय सिंह के पर्यवेक्षण और डीसीपी आउटर नॉर्थ हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। मामले का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण और मनी ट्रेल से पता चला कि ठगी गई रकम केनरा बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई और बाद में एटीएम के जरिए निकाल ली गई। आरोपी की लोकेशन झारखंड के गिरिडीह इलाके में मिली, जो संगठित साइबर अपराध के लिए जाना जाता है। इसके बाद एसीपी ऑपरेशंस दिनेश कुमार और एसएचओ गोविंद सिंह की देखरेख में एसआई अमित, हेड कांस्टेबल रमन, मनदीप और पवन की एक विशेष टीम गठित कर झारखंड भेजी गई।

झारखंड के सुदूर जंगली इलाकों में टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आरोपी प्रवीण राणा को बार-बार नोटिस दिए गए, लेकिन वह जांच में शामिल होने के बजाय लगातार ठिकाने बदल रहा था। 7 मई को सटीक सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम ने प्रवीण के घर पर छापा मारा, तो वह पुलिस को देखते ही जंगल और पथरीले पहाड़ी रास्तों की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने भी हार नहीं मानी और एसआई अमित तथा हेड कांस्टेबल मनदीप ने फिल्मी स्टाइल में काफी दूर तक पैदल ही उसका पीछा किया। अंततः दुर्गम रास्तों और जोखिम भरे माहौल के बावजूद टीम ने उसे दबोच लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से बरामद मोबाइल की जांच करने पर पता चला कि उसमें दो व्हाट्सएप चल रहे थे, जिनमें से एक उसी मोबाइल नंबर से सक्रिय था जो ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए केनरा बैंक खाते से लिंक था। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह काफी समय से संगठित साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके पीछे छिपे अन्य मुख्य सरगनाओं का पता लगाया जा सके। पुलिस की इस तत्परता और अदम्य साहस की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है।

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