दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट’ में कि हजार ठिकानों पर छापेमारी,, 482 अपराधी गिरफ्तार, आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ का बड़ा भंडाफोड़

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को अपराध मुक्त करने और देश विरोधी ताकतों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई ‘ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 5 मई की सुबह 8 बजे से 7 मई की सुबह 8 बजे तक चले इस 48 घंटे के मैराथन ऑपरेशन में पुलिस ने दिल्ली सहित पांच राज्यों के 1014 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 482 अपराधियों को दबोच लिया गया। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी कामयाबी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सक्रिय ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ के 9 खूंखार सदस्यों की गिरफ्तारी है, जो उत्तर भारत में सुरक्षा बलों पर हमले की फिराक में थे। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में हथियारों और नशीले पदार्थों का जखीरा बरामद किया है, जिसमें 141 पिस्तौलें, 212 कारतूस, 79 चाकू, 19 किलो ड्रग्स, 24 वाहन और करीब 19 लाख रुपये की नकदी शामिल है।

ऑपरेशन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और सभी जिलों की पुलिस टीमों ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक साथ दस्तक दी। पुलिस के अनुसार, इस बार की रणनीति में ‘आतंक और संगठित अपराध’ के खतरनाक गठजोड़ को निशाना बनाया गया था। जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिए भारत में ‘फुट सोल्जर्स’ की भर्ती कर रहा था, जिनका उपयोग संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और हथियारों व ड्रग्स की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए भट्टी नेटवर्क के सदस्यों में शोएब खान और रवि कश्यप (अमरोहा, यूपी), अनमोल राय (मध्य प्रदेश), इम्तियाज खान (जम्मू-कश्मीर), रिजवान खान (रामपुर, यूपी), और पंजाब के जसबीर, जसकरण व सतारा सिंह समेत गुजरात का मनोज शामिल है।

संगठित अपराध के मोर्चे पर पुलिस ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के 7 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उसकी कमर तोड़ दी है। इसके अलावा संदीप काला जत्थेदी और सद्दाम गौरी गिरोह के 4-4 सदस्य, जबकि हाशिम बाबा, टिल्लू और कौशल चौधरी गैंग के 3-3 गुर्गे भी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 346 गिरफ्तारियां जोन-2 के सात जिलों से हुई हैं, जहाँ से 106 पिस्तौलें और करीब 18 लाख रुपये भी बरामद किए गए। स्पेशल सेल ने भी 310 ठिकानों पर छापेमारी कर इस अभियान को धार दी। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि गैंगस्टरों को रसद, सिम कार्ड और पनाह देने वाले उनके पूरे ‘ईको-सिस्टम’ को नेस्तनाबूद किया जाएगा।

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