BSES अधिकारी बनकर लगाया 20 लाख का चूना, शाहदरा साइबर पुलिस ने गाजीपुर से तीसरे आरोपी को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिले की साइबर पुलिस टीम ने बिजली मीटर अपडेट करने के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सिंडिकेट के तीसरे मुख्य आरोपी धनंजय गोंड (30) को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बिजली कंपनी का अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था। इस मामले में पुलिस पहले ही फिरोजाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 8 मार्च को हुई थी। मानसरोवर पार्क निवासी विनोद शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें बिजली मीटर अपडेट करने का झांसा देकर पहले 13 रुपये का मामूली यूपीआई भुगतान करने को कहा गया। जैसे ही उन्होंने भुगतान किया, उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया और उनके खाते से 20,26,035 रुपये की कई अवैध ट्रांजेक्शन कर ली गईं। इस संबंध में थाना साइबर शाहदरा में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने पहले शिव कुमार और अंशु कुमार को फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में धनंजय गोंड का नाम सामने आया। एसीपी ऑपरेशंस मोहिंदर सिंह के पर्यवेक्षण और थाना प्रभारी साइबर के नेतृत्व में एसआई अनुज तोमर की टीम ने यूपी के गाजीपुर में छापेमारी कर धनंजय को धर दबोचा। उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है जिसका इस्तेमाल वह अपने साथियों से बातचीत के लिए करता था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि धनंजय गोंड इस सिंडिकेट में कॉमन सर्विस सेंटर आईडी और पासवर्ड की व्यवस्था करने का मुख्य काम करता था। आरोपी अंशु कुमार से ये आईडी प्राप्त कर धनंजय इन्हें फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के जरिए अपने साथियों को भेजता था। ठगी गई रकम को इन सीएससी वॉलेट और पे-यू गेटवे के माध्यम से कई परतों में घुमाया जाता था ताकि पुलिस को पैसों का सुराग न मिल सके। धनंजय ने स्वीकार किया कि उसने कमीशन के बदले कम से कम चार सीएससी आईडी शेयर की थीं।

पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण से पता चला है कि यह एक संगठित साइबर सिंडिकेट है जो पूरे उत्तर भारत में सक्रिय है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अंतिम लाभार्थियों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि बिजली बिल या मीटर अपडेट के नाम पर आने वाले अनजान लिंक या भुगतान के अनुरोधों से सावधान रहें।

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