बिजली चोरी के मामलों में फरार 4 घोषित अपराधी को पंजाबी बाग पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली जिले के थाना पंजाबी बाग की पुलिस टीम ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। मादीपुर पुलिस चौकी की टीम ने बिजली अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में संलिप्त चार घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को तीस हजारी कोर्ट (इलेक्ट्रिसिटी कोर्ट) द्वारा घोषित अपराधी करार दिया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोमल उर्फ कमलेश (30), वंदना (33), विनोद (40) और मनोज (43) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी दिल्ली की जेजे कॉलोनी, मादीपुर के निवासी हैं।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा भगोड़ों और घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए जारी दिशा-निर्देशों के तहत पंजाबी बाग इलाके में एक समर्पित अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए मादीपुर चौकी प्रभारी एसआई मुकेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें हेड कांस्टेबल संदीप अट्टारी, महिला हेड कांस्टेबल सपना और कांस्टेबल गजराज शामिल थे। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी पंजाबी बाग संजय दहिया और एसीपी जय प्रकाश के निकट पर्यवेक्षण में की गई।

1 मई को इस विशेष टीम को बिजली अधिनियम से जुड़े मामलों में फरार चल रहे अपराधियों को ट्रैक करने का जिम्मा सौंपा गया था। टीम ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ की और अपने सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा घोषित किए गए चार अपराधी मादीपुर इलाके में मौजूद हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जेजे कॉलोनी, मादीपुर में जाल बिछाया और मुखबिर की निशानदेही पर चारों आरोपियों को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड द्वारा दायर विभिन्न अदालती मामलों में वांछित थे। ये आरोपी लंबे समय से अदालती कार्यवाही से बच रहे थे, जिसके कारण इन्हें भगोड़ा घोषित किया गया था। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35.1(D) के तहत आवश्यक कानूनी कार्यवाही की है।

पकड़े गए चारों आरोपियों का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन बिजली चोरी के मामलों में इनकी संलिप्तता और अदालत में पेश न होने के कारण इनकी गिरफ्तारी अनिवार्य थी। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है ताकि कानून से भाग रहे अन्य अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More