डिजिटल जनगणना 2027: नागरिकों को ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ सुविधा के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने मिलाया हाथ

नई दिल्ली: आगामी “भारत की जनगणना – 2027” को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। आज नेहरू नगर स्थित पीजीडीएवी कॉलेज में एक ‘मेगा संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व डीसीपी (दक्षिण-पूर्वी जिला) डॉ. हेमंत तिवारी, और जिलाधिकारी (दक्षिण-पूर्वी) श्रवण बगारिया ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में एडीएम, एसडीएम और जिले के सभी थानों के एसएचओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई डिजिटल जनगणना प्रणाली और विशेष रूप से ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (स्व-गणना) सुविधा के बारे में अधिकारियों को प्रशिक्षित करना और आपसी समन्वय स्थापित करना था।

डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 के आंकड़े देश के भविष्य की नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण के लिए आधार स्तंभ होंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जिम्मेदारी के साथ भाग लें और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सटीकता से अपनी जानकारी दर्ज करें। डॉ. तिवारी ने सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई और फील्ड में तैनात कर्मचारियों, विशेषकर महिला स्टाफ की सुरक्षा के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की।

जिलाधिकारी श्रवण बगारिया ने इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना के कार्यों को बिना किसी बाधा के संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को एक टीम के रूप में काम करना होगा। कार्यक्रम में जनगणना विभाग के अधिकारियों ने एक विस्तृत प्रस्तुति के जरिए बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह आधुनिक होगी, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन और ऑनलाइन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

अधिकारियों को बताया गया कि नागरिक अब 16 भाषाओं में उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह ओटीपी आधारित लॉगिन पर निर्भर होगी, जिससे यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त की जा सकेगी। फील्ड ऑपरेशंस के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और वहां पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विशेष विचार-विमर्श किया गया ताकि फील्ड स्टाफ को कार्य करने में कोई कठिनाई न हो।

कार्यक्रम के अंत में नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा परामर्श भी जारी किया गया। पुलिस ने जनता को सचेत किया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी साझा न करें। डिजिटल जनगणना की आड़ में होने वाली संभावित साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहना अनिवार्य है। पुलिस और प्रशासन ने सामूहिक संकल्प लिया कि जनगणना 2027 को दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले में पूरी तरह सफल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा।

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