दिल्ली में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को दी गई ‘स्पेशल कमांडो’ ट्रेनिंग

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सबसे संवेदनशील क्षेत्र और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए नई दिल्ली जिला पुलिस ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की एक श्रृंखला सफलतापूर्वक संपन्न की है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के परिचालन कौशल, संकट प्रतिक्रिया और भीड़ प्रबंधन क्षमताओं को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप बनाना था। यह प्रशिक्षण सत्र **24 अप्रैल से 29 अप्रैल तक बाराखंभा रोड थाना सभागार में एडिशनल डीसीपी (नई दिल्ली जिला) आनंद कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसके बाद 29 अप्रैल से 1 मई तक संसद मार्ग थाने में आत्मरक्षा की प्रसिद्ध तकनीक ‘क्राव मागा’ का विशेष सत्र आयोजित किया गया। इन दोनों प्रशिक्षण मॉड्यूल में जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों के 509 पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

नई दिल्ली जिला पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अत्यंत बारीकी से तैयार किया गया था ताकि पुलिसकर्मी हर प्रकार की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। प्रशिक्षण के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स के विशेषज्ञों ने संकट प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित लामबंदी के गुर सिखाए, जिसका नेतृत्व एसीपी चाणक्यपुरी आरती शर्मा ने किया। वहीं, संसद मार्ग के एसीपी ने भीड़ के व्यवहार का विश्लेषण करने, भगदड़ जैसी स्थितियों को रोकने और सार्वजनिक समारोहों के दौरान न्यूनतम बल प्रयोग कर भीड़ को कानूनन तितर-बितर करने की बारीकियों से पुलिसकर्मियों को अवगत कराया।

इस प्रशिक्षण का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा हथियार चलाने के कौशल और सुरक्षा प्रोटोकॉल को बेहतर बनाना था। साथ ही, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर पिकेट चेकिंग, वाहनों की तलाशी और ‘एक्सेस कंट्रोल’ के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया। शारीरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें रिटायर्ड एसीपी डॉ. राकेश कुमार ने तनावपूर्ण स्थितियों में धैर्य और व्यावसायिकता बनाए रखने पर व्याख्यान दिया।

प्रशिक्षण का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘क्राव मागा’ डिफेंस टेक्निक का सत्र रहा। एनएचआरसी के एसएसपी हरि लाल चौहान और उनकी टीम के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में पुलिसकर्मियों को ‘क्लोज-क्वार्टर कॉम्बैट’ और बिना हथियारों के अपनी व जनता की रक्षा करने की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई। डीसीपी ने इस पहल को पुलिस बल के आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सीआईएसएफ, आरएएफ और सभी वरिष्ठ अधिकारियों के योगदान की सराहना की। इस ट्रेनिंग के बाद नई दिल्ली जिला पुलिस अब उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए और अधिक सक्षम और पेशेवर रूप से तैयार है।

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