कार कंपनी का कर्मचारी बनकर पुरानी कार बेचने के बहाने लगाया था दो लाख का चूना, ईस्ट जिला साइबर थाना पुलिस ने दबोचा

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली जिले के साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है जो प्रतिष्ठित ऑनलाइन कार प्लेटफॉर्म का कर्मचारी बनकर लोगों को पुरानी कार बेचने के नाम पर ठगता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन सेठी (32), निवासी शिवपुरी एक्सटेंशन, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इस ठग ने एक नागरिक से कार बुकिंग के नाम पर 2,00,000 रुपये की धोखाधड़ी की थी।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि त्रिलोकपुरी निवासी हरीश नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें पुरानी कार बेचने का झांसा दिया। आरोपी ने खुद को कार कंपनी का कर्मचारी बताकर हरीश का विश्वास जीता और बुकिंग व प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 2 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने न तो कार दी और न ही पैसे वापस किए, बल्कि उसने संपर्क भी तोड़ दिया। इस शिकायत पर साइबर थाना ईस्ट में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई निखलेश, हेड कांस्टेबल राहुल, महिला हेड कांस्टेबल भावना और कांस्टेबल मोहित शामिल थे। टीम ने वित्तीय और तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन के विश्लेषण से पता चला कि ठगी की रकम एसबीआई के एक बैंक खाते में गई थी। केवाईसी दस्तावेजों और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर संदिग्ध की पहचान अमन सेठी के रूप में हुई। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अपना पता बदलकर फरार हो गया था, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं की मदद से पुलिस ने उसे ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अमन सेठी उन लोगों को निशाना बनाता था जो ऑनलाइन पुरानी कारें तलाशते थे। वह खुद को ‘Cars24’ जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म का कर्मचारी बताता था और पीड़ितों को कारों की तस्वीरें व फर्जी विवरण भेजकर उनका भरोसा जीतता था। इसके बाद वह बुकिंग या फाइल चार्ज के नाम पर अपने व्यक्तिगत खाते में एडवांस पेमेंट की मांग करता था। पैसे मिलते ही वह पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देता था।

32 वर्षीय अमन सेठी स्नातक है और पहले पुरानी कारों की खरीद-बिक्री का काम कर चुका है, इसलिए उसे इस क्षेत्र की अच्छी समझ थी। वह पहले भी थाना कृष्णा नगर में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल रहा है। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड और दो डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।

पूर्वी जिला पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि ऑनलाइन सामान खरीदते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति के व्यक्तिगत बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और केवल व्हाट्सएप कॉल या तस्वीरों पर भरोसा न करें। यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य सहयोगियों और ठगी की बाकी रकम की बरामदगी के लिए जांच कर रही है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More