एएटीएस वेस्ट ने फरीदाबाद से दबोचा शातिर भगोड़ा, कोर्ट ने घोषित किया था ‘प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर’

नई दिल्ली:दिल्ली के पश्चिम जिले की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड ने अपराधियों और भगोड़ों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने तिलक नगर थाने में दर्ज एक मामले में वांछित और अदालत द्वारा घोषित भगोड़े को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील कुमार (49) के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी का निवासी है। आरोपी कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था।

पश्चिम जिले के डीसीपी दरदे शरद भास्कर ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार, भगोड़े अपराधियों की धरपकड़ के लिए एएटीएस/पश्चिम के ‘पीओ’ सेल की एक समर्पित टीम गठित की गई थी। यह टीम इंस्पेक्टर मुकेश मीणा (इंचार्ज एएटीएस) के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस विजय सिंह के पर्यवेक्षण में काम कर रही थी।

जांच टीम को तिलक नगर थाने में दर्ज एक शिकायत मामले में वांछित आरोपी सुनील कुमार को ट्रेस करने का जिम्मा सौंपा गया था। आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा 2 अप्रैल को ‘भगोड़ा’ घोषित किया गया था। टीम ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। 28 अप्रैल को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फरीदाबाद में जाल बिछाया और मुखबिर की निशानदेही पर आरोपी सुनील कुमार को धर दबोचा।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 49 वर्षीय सुनील कुमार शादीशुदा है और वह पहले भी दो आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। आरोपी तिलक नगर थाने में बीएनएस की धारा 209 के तहत दर्ज मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कर ली है। डीसीपी ने बताया कि इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट संदेश गया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिप जाए, पुलिस के लंबे हाथ उसे कानून के कटघरे तक जरूर पहुंचाएंगे। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके।

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