नेपाल से जुड़े मोबाइल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: 40 चोरी के फोन बरामद, क्राइम ब्रांच ने दो शातिर तस्करों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली से मोबाइल चोरी कर उन्हें नेपाल तस्करी करता था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मोहम्मद शाहनवाज (43) निवासी नंद नगरी, दिल्ली और मोहम्मद रिजवान (45) निवासी कानपुर, यूपी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 40 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी रिजवान इन फोन को ट्रॉली बैग में भरकर नेपाल बॉर्डर ले जाने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे गाजीपुर में बस पकड़ने से चंद मिनट पहले ही दबोच लिया।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि पिछले दो महीनों से टीम दिल्ली में सक्रिय मोबाइल रिसीवरों पर नजर रख रही थी। इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व और एसीपी सत्येंद्र मोहन के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी और मैन्युअल सर्विलांस के जरिए इस रैकेट का सुराग लगाया।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शाहनवाज चोरी के फोन की डिलीवरी देने आने वाला है। पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के क्राउन प्लाजा पार्किंग के पास जाल बिछाया और शाहनवाज को दबोच लिया, जिसके पास से 6 फोन मिले। पूछताछ के बाद टीम ने तुरंत गाजीपुर में छापेमारी की और मोहम्मद रिजवान को गिरफ्तार किया। रिजवान के पास मौजूद लाल रंग के ट्रॉली बैग से 34 और चोरी के फोन बरामद हुए। वह इन फोन को लेकर नेपाल भागने की तैयारी में था।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि रिजवान पिछले 10 सालों से इस धंधे में शामिल है और अब तक हजारों चोरी के फोन नेपाल भेज चुका है। वह दिल्ली के स्थानीय चोरों से सस्ते दामों पर फोन खरीदता था और उन्हें नेपाल ले जाकर ऊंचे मुनाफे पर बेचता था। प्रत्येक फोन पर वह 3,000 से 4,000 रुपये तक कमाता था। नेपाल में फोन जाने के बाद उन्हें ट्रेस करना और बरामद करना लगभग नामुमकिन हो जाता था। इस काली कमाई से उसने नेपाल में अपनी खुद की एक दुकान भी खोल ली थी।

आरोपी शाहनवाज अनपढ़ है और नशे का आदी है। वह एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही चोरी व आर्म्स एक्ट के सात मामले दर्ज हैं। वहीं, मुख्य आरोपी रिजवान मूल रूप से कानपुर का रहने वाला है। वह करीब 15 साल पहले नेपाल शिफ्ट हो गया था, जहाँ उसने एक नेपाली महिला से शादी की और बढ़ई का काम शुरू किया, जिसकी आड़ में वह मोबाइल तस्करी का रैकेट चलाने लगा। रिजवान के खिलाफ यूपी के कानपुर और लखनऊ में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने बरामद 40 फोन की जांच ‘जिपनेट’ और ‘सीईआईआर’ पोर्टल के जरिए की, जिससे कश्मीरी गेट, केशव पुरम, कमला मार्केट, पहाड़गंज, कालिंदी कुंज और किशनगढ़ थानों में दर्ज चोरी के 6 मामलों का खुलासा हुआ। शेष 34 फोन भी चोरी के पाए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित थानों को सूचना दे दी है। इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।

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