अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, गोगी गैंग के 5 गुर्गे गिरफ्तार, विदेशी पिस्टल समेत भारी गोला-बारूद बरामद

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अपराध और गैंगवार पर लगाम कसने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। रोहिणी जिले के थाना बुध विहार की टीम ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी परिक्षेत्र) विजय सिंह और डीसीपी रोहिणी शशांक जायसवाल के मार्गदर्शन में गोगी और दिनेश कराला गैंग से जुड़े पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ डोगरा, सुरेंद्र उर्फ काला, आदित्य उर्फ बॉबी, कुणाल उर्फ कुक्कू और हापुड़ निवासी हथियार निर्माता इकबाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 17 अत्याधुनिक अवैध हथियार बरामद किए हैं, जिनमें ऑस्ट्रिया निर्मित 9MM ग्लॉक, इटैलियन बेरेटा और तुर्की की जोराकी जैसी विदेशी पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 106 जिंदा कारतूस और दो लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।

दिल्ली पुलिस के विशेष अभियान के तहत इंस्पेक्टर संदीप गोदारा और उनकी टीम ने खुफिया सूचनाओं को विकसित करते हुए इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब टीम ने राहुल उर्फ डोगरा को घेरा। पुलिस को देख आरोपी ने अपनी महिंद्रा थार गलत दिशा में दौड़ाकर भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क जवानों ने उसे सुरक्षित दबोच लिया। राहुल की गिरफ्तारी के बाद कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और उसके साथियों कुणाल तथा आदित्य को भी धर दबोचा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड और हथियारों का मुख्य प्रबंधक सुरेंद्र उर्फ काला है, जो पहले से ही जेल में बंद था। पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर जब सुरेंद्र से कड़ाई से पूछताछ की, तो हथियारों के इस काले साम्राज्य का असली चेहरा सामने आया।

जांच का दायरा दिल्ली से बाहर उत्तर प्रदेश के हापुड़ तक जा पहुंचा। सुरेंद्र काला के खुलासे पर पुलिस ने हापुड़ के हृदयपुर गांव में छापेमारी की, जहां से 65 वर्षीय इकबाल को गिरफ्तार किया गया। इकबाल वह शख्स है जो दिल्ली-एनसीआर के बड़े संगठित अपराध सिंडिकेट्स को हथियारों की खेप पहुंचाता था। उसके घर से भारी मात्रा में देसी और विदेशी पिस्तौल बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी टिल्लू ताजपुरिया और चीचड़ गैंग के साथ चल रही पुरानी रंजिश के कारण खुद को मजबूत कर रहे थे। ये न केवल जबरन वसूली और जमीन कब्जाने जैसे अपराधों में संलिप्त थे, बल्कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर युवाओं और किशोरों को अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित भी कर रहे थे।

पुलिस की इस सफलता ने गैंगवार की किसी बड़ी घटना को होने से पहले ही टाल दिया है। बरामद हथियारों में दस अत्याधुनिक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और छह देसी कट्टे शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों में राहुल डोगरा और इकबाल पुराने अपराधी हैं, जिन पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की अभी भी जांच की जा रही है ताकि हथियारों के स्रोत और उनके अंतिम गंतव्य का पूरी तरह से पता लगाया जा सके। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित मददगारों और वित्तीय स्रोतों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।

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