दिल्ली में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन ध्वस्त, यूपी से हेरोइन लाने वाले दो मुख्य सप्लायर समेत तीन तस्कर दबोचे गए, 80 लाख की हेरोइन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही पूर्वी जिला पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने नशा तस्करों के एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कुल 475 ग्राम हेरोइन (स्मैक) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है। पकड़े गए आरोपियों में दो उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित मुख्य सप्लायर हैं, जो दिल्ली में नशा सप्लाई कर रहे थे।

पूर्वी जिला के डीसीपी राजीव कुमार ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि एएनएस की टीम, जिसमें इंस्पेक्टर अरुण कुमार और एसीपी (ऑपरेशंस) पवन कुमार के मार्गदर्शन में एसआई राहुल, विकास और एएसआई अमित व अरुण की टीम शामिल थी, लंबे समय से ड्रग सिंडिकेट पर नज़र रखे हुए थी। 2 अप्रैल को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने गाजीपुर के पास जाल बिछाया और मोहम्मद आरिफ (40) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 270 ग्राम स्मैक बरामद हुई। आरिफ मूल रूप से शाहजहांपुर (यूपी) का रहने वाला है और वर्तमान में चौहान बांगर, ब्रह्मपुरी में रह रहा था।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी आरिफ को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। उसने खुलासा किया कि वह यह खेप शाहजहांपुर के रहने वाले अमित और विकास से लाता था। पुलिस के लिए यह स्पष्ट था कि जब तक मुख्य सप्लायर (सोर्स) नहीं पकड़े जाएंगे, तब तक नशों का यह प्रवाह नहीं रुकेगा। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी की।

लगातार प्रयासों के बाद एएनएस टीम ने शाहजहांपुर से अमित (22) और विकास (28) को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से अतिरिक्त 205 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने कुल 475 ग्राम स्मैक जब्त की है, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत कमर्शियल क्वांटिटी की श्रेणी में आती है।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी आरिफ खुद भी स्मैक का आदी था और उसने आर्थिक लाभ के लिए इस अवैध धंधे को अपनाया। वह शाहजहांपुर से स्मैक की खेप थोक में लाता था और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में इसे ऊंची कीमतों पर बेचता था। आरोपी अमित और विकास भी इसी संगठित सिंडिकेट का हिस्सा थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ से दिल्ली में नशे की खेप आने के एक बड़े रास्ते को बंद कर दिया गया है। पकड़े गए आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन वे नशे की लत का फायदा उठाकर युवाओं को बरगलाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे थे। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वे और किन लोगों को यह माल सप्लाई करते थे। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा चुका है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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