दिल्ली में दहशत फैलाने की साजिश नाकाम: पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के दो गुर्गे गिरफ्तार, हथियार बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में बैठे कुख्यात गैंगस्टर और आईएसआई के मोहरे शहजाद भट्टी द्वारा रची गई एक खतरनाक आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में टारगेट किलिंग, ग्रेनेड हमले और फायरिंग की घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी राजवीर के कब्जे से एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी अपने भारत आधारित सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा है। इस संबंध में थाना स्पेशल सेल में धारा 61(2) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एसीपी विवेक कुमार त्यागी के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर सुनील रजैन के नेतृत्व वाली टीम ने मामले की गहन जांच शुरू की।

पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी राजवीर को सोशल मीडिया के जरिए ‘राणा भाई’ नामक व्यक्ति ने संपर्क किया था, जो शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी है। बाद में राजवीर ने विवेक बंजारा को भी इस नेटवर्क से जोड़ दिया। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्हें मार्च 2026 में हथियार इकट्ठा करने के लिए अहमदाबाद भेजा गया था, हालांकि वहां वे विफल रहे। इसके बाद, 9 अप्रैल को दोनों आरोपी अमृतसर गए, जहां से उन्होंने शहजाद भट्टी के निर्देश पर पिस्टल और कारतूस प्राप्त किए।

आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि 11 अप्रैल को राजवीर ने शहजाद भट्टी के कहने पर जीरकपुर (पंजाब) के एक क्लब पर फायरिंग की थी, जिसे जबरन वसूली के लिए धमकी दी गई थी। हालांकि, पिस्टल में तकनीकी खराबी के कारण वह हमले को ठीक से अंजाम नहीं दे पाया। इसके बाद राजवीर दिल्ली आ गया और शहजाद भट्टी के निर्देश पर फरीदकोट जाकर एक नई पिस्टल और कारतूस हासिल किए। उसने दिल्ली-एनसीआर के एक प्रमुख होटल को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन स्पेशल सेल की टीम ने 18 अप्रैल को उसे सराय काले खां इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

इससे पहले, पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर 16 अप्रैल को विवेक बंजारा को मध्य प्रदेश के डबरा से दबोचा था। विवेक की गिरफ्तारी से मिली कड़ियों ने ही मुख्य शूटर राजवीर तक पहुंचने का रास्ता साफ किया। पुलिस को आरोपियों के फोन से आपत्तिजनक वीडियो और वॉइस नोट्स भी मिले हैं, जिनसे इस पूरे आतंकी मॉड्यूल का खुलासा होता है। फिलहाल, स्पेशल सेल की टीम इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड शहजाद भट्टी के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए गहन जांच कर रही है।

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