जुगाड़ से बना रहे थे नामी कंपनियों का नकली इंजन ऑयल, पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी के गाजीपुर इलाके में चल रहे एक बड़े नकली इंजन ऑयल निर्माण गिरोह का पर्दाफाश किया है। एक विशेष अभियान के तहत पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में डुप्लीकेट इंजन ऑयल और पैकिंग सामग्री जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों, राकेश कुमार छाबड़ा और कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए माल में 28 केन (प्रत्येक में 20 लीटर) खुले नकली इंजन ऑयल और 140 बोतलें (प्रत्येक में 1 लीटर) कैस्ट्रोल और यामाहा ब्रांड की शामिल हैं, जिनकी कुल मात्रा लगभग 700 लीटर है। इसके अलावा, गाजीपुर के गांव गाधोली स्थित आरोपियों के गोदाम से एक ड्रम, बाल्टियां, कीप, मगा, दो फिल्टर मेश, ब्रांडेड कंपनियों के स्टिकर, कूपन और 550 से अधिक खाली बोतलें बरामद की गई हैं। पुलिस ने मौके से बोतल सीलिंग मशीन और अन्य प्रसंस्करण उपकरण भी जब्त किए हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी कैस्ट्रोल, यामाहा, हीरो और बजाज जैसे बड़े ब्रांडों के नाम पर नकली इंजन ऑयल तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार छाबड़ा (52) और कुलदीप सिंह (52) के रूप में हुई है। राकेश पहले कुरुक्षेत्र में कपड़ों का व्यवसाय करता था जो कोविड के दौरान बंद हो गया, वहीं कुलदीप पूर्व में ट्रक ड्राइवर था। दोनों आरोपी पिछले 1 से 3 वर्षों से इस अवैध कारोबार में शामिल थे।

पुलिस ने इस मामले में थाना क्राइम ब्रांच में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 336(4), 319, 61(2), 3(5) और कॉपीराइट एक्ट की धारा 63/65 के तहत मामला दर्ज किया है। डीसीपी (क्राइम-IV) पंकज कुमार ने बताया कि इस रैकेट की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

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