संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ रुकने पर मचा बवाल: दिल्ली में हजारों महिलाओं का प्रदर्शन, भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी

नई दिल्ली: संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के पारित न होने के बाद देश और दिल्ली की महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार दोपहर, इस विरोध को मुखर करते हुए दिल्ली की सड़कों पर ‘नारी शक्ति’ का सैलाब उमड़ पड़ा। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में 10 हजार से अधिक महिलाएं मोती लाल नेहरू मार्ग पर एकत्रित हुईं और संसद में इस बिल के गिर जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी महिलाएं नारे लगाते हुए राहुल गांधी के सुनहरी बाग स्थित आवास की ओर बढ़ीं, लेकिन सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर के पास दिल्ली पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को महिलाओं को तितर-बितर करने के लिए भारी बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी का पुतला भी फूंका। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज, सांसद कमलजीत सहरावत और अन्य महिला पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने भेज दिया।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा, “विपक्ष के शाही परिवार के नेता, जिन्हें अपने परिवार से बाहर कुछ नहीं दिखता, उन्होंने बिल को पास होने से रोककर देश की आधी आबादी के अधिकारों का गला घोंटा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री ने संसद में संशोधन के लिए द्वार खुले रखे थे, लेकिन कांग्रेस की मंशा केवल महिलाओं को उनके हक से वंचित रखने की है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्ष के जश्न पर सवाल उठाते हुए कहा, “महिलाओं की हार में ऐसी कौन सी जीत कांग्रेसी और समाजवादी नेताओं को दिख रही है? उन्हें डर है कि अगर साधारण घरों की महिलाएं संसद और विधानसभाओं में पहुंच गईं, तो उन राजनीतिक परिवारों की कुर्सियां हिल जाएंगी जो दशकों से सिंहासन पर जमे बैठे हैं।”

प्रदर्शन में शामिल सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष बहाने बनाकर इसका विरोध कर रहा है। सांसद मनोज तिवारी ने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “आज नहीं तो कल, इस समस्या का हल होकर रहेगा।”

नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि वाटर कैनन और लाठीचार्ज महिलाओं की हक की लड़ाई को नहीं दबा सकते। उन्होंने कहा, “देश की आधी आबादी अब सिर्फ वोट देने के लिए नहीं, बल्कि नीति बनाने में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का हक रखती है।”

इस विशाल विरोध प्रदर्शन में केन्द्रीय राज्य मंत्री रक्षा खड़से और अनुप्रिया, महाराष्ट्र सरकार की मंत्री माणिकराव कोकाटे, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मंजू शर्मा, धर्मशिला गुप्ता, लक्ष्मी वर्मा, माया नारनौलिया सहित अनेक वरिष्ठ महिला और पुरुष पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक मातृशक्ति को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

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