ब्रिगेडियर मारपीट मामला: सभी फरार आरोपी गिरफ्तार, मर्सिडीज के बाद आरोपियों की हुंडई कार भी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के वसंत एन्क्लेव इलाके में भारतीय सेना के ब्रिगेडियर, उनके बेटे और पत्नी के साथ सरेराह मारपीट व बदसलूकी के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे बाकी सभी चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही वारदात में शामिल दूसरी कार (हुंडई ऑरा) को भी बरामद कर लिया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी ने झगड़े के दौरान एक फोन कॉल कर अपने इन साथियों को मौके पर बुलाया था, जिसके बाद इन्होंने मिलकर सैन्य अधिकारी के परिवार पर हमला किया था।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों की पहचान सुरजीत सिंह (36), सुनील शर्मा (53), आशीष (32)—सभी निवासी मेहरम नगर, दिल्ली और सतेंद्र (35) निवासी भिवानी, हरियाणा के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि घटना वाली रात जब मुख्य आरोपी सतेंद्र (एविएशन कंपनी का डायरेक्टर) और संजय शर्मा का ब्रिगेडियर से विवाद हुआ, तो सतेंद्र ने सुरजीत को फोन किया। उस समय ये चारों आरोपी मेहरम नगर में साथ बैठे थे। कॉल मिलते ही ये सभी सुरजीत की सफेद रंग की हुंडई ऑरा कार में सवार होकर वसंत एन्क्लेव पहुंचे और वहां पहुंचकर ब्रिगेडियर के परिवार के साथ मारपीट की।

वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अपने घर लौट गए थे, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, ये सभी अपने घरों से फरार हो गए। पुलिस की विशेष टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से घेराबंदी कर इन्हें धर दबोचा। इससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपियों की मर्सिडीज कार जब्त की थी और अब वारदात में प्रयुक्त दूसरी कार भी पुलिस के कब्जे में है।

गौरतलब है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पहले ही प्रशासनिक ढिलाई बरतने वाले इंस्पेक्टर (जांच) को लाइन हाजिर कर दिया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर भारतीय न्याय संहित की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 79 और 191(2)/190 के तहत मामला दर्ज है। अब सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। मिलिट्री भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाज में अशांति फैलाने और वर्दी का सम्मान न करने वाले तत्वों के खिलाफ यह एक सख्त संदेश है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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