पाक-आईएसआई समर्थित टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़: इटैलियन बेरेटा पिस्टल के साथ बिश्नोई गैंग का खास गुर्गा गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ चल रही अपनी जांच में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित एक हाई-प्रोफाइल सोसाइटी से हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। रूबल को लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग का बेहद करीबी सहयोगी बताया जा रहा है, जो विदेश में बैठे गैंगस्टरों और भारत में उनके शिकार बनने वाले व्यापारियों के बीच ‘मध्यस्थ’ के रूप में काम कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से इटली निर्मित एक अत्याधुनिक ‘बेरेटा’ सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 24 विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।

पाक-आईएसआई और आतंकी कनेक्शन

जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसमें गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धाराएं भी शामिल की हैं। यह मॉड्यूल न केवल हथियारों की तस्करी कर रहा था, बल्कि इसका उद्देश्य भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना भी था। आरोपी रूबल पहले भी हत्या और मकोका जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है और वर्ष 2024 के चर्चित नादिर शाह हत्याकांड में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

दुबई-बैंकॉक से जुड़ा वसूली का तंत्र

गिरफ्तार आरोपी हर्ष पाल सिंह उर्फ रूबल वर्ष 2023 में दुबई में गैंगस्टर राशिद उर्फ केबल के संपर्क में आया था, जो बिश्नोई-गोदारा सिंडिकेट का जाना-माना चेहरा है। इसके बाद वह बैंकॉक जाकर राशिद से मिलता था। रूबल भारत में उन व्यापारियों से संपर्क करता था जिन्हें बिश्नोई गैंग से वसूली की धमकी मिलती थी। वह खुद को ‘सेटलमेंट फैसिलिटेटर’ के रूप में पेश कर पीड़ितों और विदेशी हैंडलर्स के बीच पैसों का लेनदेन तय करवाता था। इससे गैंग के शीर्ष नेतृत्व की सीधी पहचान उजागर नहीं होती थी और वित्तीय लेनदेन भी सुचारू रूप से चलता रहता था।

खालिस्तानी विचारधारा और ऑनलाइन सट्टेबाजी

पूछताछ के दौरान ‘मोनू सरदार’ का नाम भी सामने आया है, जो वर्तमान में दुबई में बैठकर विदेशी सट्टेबाजी का कारोबार संभाल रहा है। मोनू सरदार को जेल में बंद गैंगस्टर हाशिम बाबा का करीबी और खालिस्तानी अलगाववादी विचारधारा का समर्थक बताया गया है। वह जरनैल सिंह भिंडरावाले का अनुयायी होने का दिखावा करता है और सिंडिकेट को अवैध हथियार और वित्तीय मदद मुहैया कराता है। पुलिस अब इस त्रिकोणीय गठजोड़—गैंगस्टर, आतंकी मॉड्यूल और खालिस्तानी समर्थकों—के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।

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