सराय काले खां के जंगलों में मुठभेड़ के बाद दबोचे गए 6 खूंखार बांग्लादेशी डकैत

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक जांबाज ऑपरेशन को अंजाम देते हुए छह बेहद खतरनाक बांग्लादेशी डकैतों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। सराय काले खां इलाके के पास जंगल में हुई भीषण मुठभेड़ के बाद पकड़े गए ये आरोपी भारत के विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में लूट, डकैती और हत्या के दर्जनों मामलों में वांछित थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन हलदर उर्फ पन्नू, सैफफुल इस्लाम, सोहेल शेख, मोहम्मद नासिर, नूर इस्लाम और जाकिर के रूप में हुई है, जो सभी बांग्लादेश के बागेरहाट जिले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से चार देशी तमंचे, जिंदा कारतूस, और घर तोड़ने के विशेष उपकरण बरामद किए हैं।

जंगलों में हुई मुठभेड़, पुलिस की जवाबी फायरिंग

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बांग्लादेशी डकैतों का एक गिरोह हथियारों के साथ दक्षिण दिल्ली में डकैती डालने की योजना बनाने के लिए सराय काले खां के श्मशान घाट के पास जंगल में इकट्ठा होने वाला है। डीसीपी संजीव कुमार यादव और एसीपी पंकज अरोड़ा के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने जाल बिछाया। घेराबंदी होते ही अपराधियों ने समर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस ने अपनी जान जोखिम में डालकर जवाबी कार्रवाई में तीन अनुशासित राउंड फायर किए और अंततः छह डकैतों को दबोच लिया, हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर इनके दो साथी (शाकायत और इलियास) भागने में सफल रहे।

‘हिट-रन-हाइड’ रणनीति से फैलाते थे दहशत

जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह ‘हिट-रन-हाइड’ (हमला करो-भागो-छिप जाओ) की रणनीति पर काम करता था। ये अपराधी एजेंटों को मोटी रकम देकर अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में घुसते थे और सुनसान इलाकों में रहने वाले संपन्न बुजुर्गों को निशाना बनाते थे। डकैती के दौरान ये डकैत अत्यंत क्रूरता दिखाते थे; प्रतिरोध करने पर पीड़ितों को बांधकर प्रताड़ित करना और यहां तक कि उनकी हत्या कर देना इनके लिए आम था। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद, ये पुलिस से बचने के लिए वापस बांग्लादेश भाग जाते थे और कुछ महीनों बाद फिर से नए राज्यों में सक्रिय होते थे।

कई राज्यों की पुलिस के लिए बने थे सिरदर्द

यह गिरोह केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि गोवा और कर्नाटक पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बना हुआ था। हाल ही में इन्होंने गोवा के मापुसा और पणजी में करोड़ों की डकैती की थी, जिसमें परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर 35 लाख रुपये और 1 किलो सोना लूटा गया था। इसके अलावा, कर्नाटक के हुबली में एक बुजुर्ग की हत्या और डकैती के मामले में भी मुख्य आरोपी नासिर वांछित था। गोवा पुलिस ने भी इस गिरोह को पकड़ने में महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी दिल्ली क्राइम ब्रांच के साथ साझा की थी। वर्तमान में पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके स्थानीय नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More