झारखंड से दिल्ली आकर बच्चों के जरिए करवाते थे मोबाइल चोरी, दिल्ली पुलिस ने 46 मोबाइल फोन के साथ 6 दबोचे

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के नॉर्थ जिले के स्पेशल स्टाफ ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और साप्ताहिक बाजारों में सक्रिय था। पुलिस टीम ने इनके कब्जे से 46 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें से 12 फोन पहले से दर्ज एफआईआर से जुड़े पाए गए हैं। गिरोह के पास से एक ऑटो भी बरामद किया गया है, जिसका उपयोग चोरी के माल को ले जाने में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कुमार महतो, आलोक उर्फ आरोपी महतो, शेख सुभान, नंदन कुमार महतो, सोनू कुमार महतो (सभी झारखंड निवासी) और दिल्ली का एक ऑटो चालक अनिल कुमार शामिल है।

उत्तरी जिले की डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 10 अप्रैल को स्पेशल स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि साहिबगंज (झारखंड) के महाराजपुर गांव का एक गिरोह भारी मात्रा में चोरी के मोबाइल ठिकाने लगाने के लिए ISBT कश्मीरी गेट आने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी विदुषी कौशिक के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई मनोज तोमर, एसआई प्रवीण शर्मा सहित हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों को शामिल किया गया। टीम ने कश्मीरी गेट के पास रणनीतिक घेराबंदी की और एक संदिग्ध ऑटो को रोका, जिसमें सवार 6 लोगों की तलाशी लेने पर 46 मोबाइल फोन बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। गिरोह के सदस्य झारखंड के साहिबगंज जिले के अपने पैतृक गांव से नाबालिग बच्चों को दिल्ली लाते थे। इन बच्चों को भीड़भाड़ वाले बाजारों, जैसे साप्ताहिक हाट में मोबाइल उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। बच्चे आसानी से भीड़ में घुल-मिल जाते थे और खरीदारों की जेब से मोबाइल निकाल लेते थे। पकड़े जाने के डर से गिरोह के मुख्य सदस्य बच्चों को आगे रखते थे और खुद बैकअप के तौर पर काम करते थे। फिलहाल पुलिस उन नाबालिग बच्चों की तलाश कर रही है जिन्हें इस दलदल में धकेला गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि यह महज एक छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है। चोरी किए गए मोबाइल फोन दिल्ली से झारखंड के साहिबगंज (तीन पहाड़) और पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) भेजे जाते थे। वहां से इन फोन को अवैध रास्तों से बांग्लादेश तस्करी कर दिया जाता था। पुलिस अब आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए इस बड़े नेक्सस और सीमा पार बैठे रिसीवरों की पहचान करने में जुटी है।

गिरफ्तार आरोपियों में से आलोक उर्फ आलोपी महतो सबसे शातिर है, जिस पर दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी के 15 मामले दर्ज हैं। रोहित कुमार महतो पटना में चोरी के केस में वांछित रहा है, जबकि शेख सुभान और नंदन कुमार पर भी 3-3 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये सभी आरोपी वर्तमान में गाजियाबाद के डीएलएफ चमन विहार में किराए का कमरा लेकर रह रहे थे और वहीं से अपनी वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

पुलिस ने बताया कि रिकवर किए गए 46 फोनों में से 22 की पहचान CEIR पोर्टल के जरिए की जा चुकी है और उनके असली मालिकों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। कश्मीरी गेट थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश जारी है।

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