रंजीत नगर पुलिस ने खूंखार यौन अपराधी को दबोचा, अपहरण के चंद घंटे के भीतर 17 वर्षीय पीड़िता को छुड़ाया

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिला की रंजीत नगर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले को सुलझाते हुए एक खूंखार यौन अपराधी को गिरफ्तार किया है और अपहरण की शिकार एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को 24 घंटे के भीतर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहन जायसवाल (35 वर्ष) निवासी समयपुर बादली के रूप में हुई है। आरोपी एक आदतन अपराधी है और के.एन. काटजू मार्ग थाने के एक पुराने बलात्कार के मामले में घोषित अपराधी भी था। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान अपराध में इस्तेमाल की गई काली बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 4 अप्रैल को रंजीत नगर थाने में एक लड़की के अपहरण की शिकायत दर्ज हुई थी। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अगले ही दिन 5 अप्रैल को पीड़िता को शादीपुर मेट्रो स्टेशन से बरामद कर लिया। पूछताछ में पीड़िता ने खुलासा किया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन से अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर बिठाकर मुरथल ले गया और फिर एक होटल में उसके साथ यौन शोषण किया। पीड़िता के बयान और मेडिकल जांच के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और पोक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई।

एसएचओ रंजीत नगर के नेतृत्व में गठित सब-इंस्पेक्टर गरिमा, हेड कांस्टेबल अमित और अन्य जवानों की टीम ने जहांगीरपुरी से लेकर मुरथल तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने बुलेट मोटरसाइकिल के अधूरे नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया। मालिक ने बताया कि मोटरसाइकिल उसके दोस्त मोहन जायसवाल के पास थी। पुलिस जब आरोपी के ठिकाने पर पहुंची, तो वह वहां से भाग चुका था, लेकिन पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे 10 अप्रैल को कश्मीरी गेट से उस वक्त दबोच लिया जब वह बिहार भागने की कोशिश कर रहा था।

पूछताछ में आरोपी मोहन जायसवाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है और उस पर हत्या के प्रयास, बलात्कार, आर्म्स एक्ट और मारपीट जैसे आठ संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। वह साल 2016 के एक रेप केस में फरार चल रहा था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक नाबालिग को सुरक्षित बचाया बल्कि एक खतरनाक अपराधी को दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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