स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी: खिलाड़ियों की त्वरित रिकवरी के लिए साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पर हुआ मंथन

नई दिल्ली: खिलाड़ियों को चोट के बाद सुरक्षित और जल्द मैदान पर वापस लाने के उद्देश्य से ‘इंडियन सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज मेडिसिन’ और ‘इंडियन फेडरेशन ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन’ द्वारा एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी का मुख्य केंद्र ‘मरीज-केंद्रित देखभाल’ रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक प्रो. कविता शर्मा और सम्मानित अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी तन्वी खन्ना ने शिरकत की। अंतरराष्ट्रीय एथलीट की मौजूदगी ने खिलाड़ियों के जीवन में साक्ष्य-आधारित पुनर्वास और प्रदर्शन के महत्व को रेखांकित किया

सम्मेलन की शुरुआत स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के निदेशक प्रो. दीपक जोशी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने खेल चिकित्सा के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि अब सारा ध्यान साक्ष्य-आधारित उपचार पर है, जिससे न केवल रिकवरी तेज होती है, बल्कि दोबारा चोट लगने का जोखिम भी न्यूनतम हो जाता है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रिंसिपल प्रो. गीतिका खन्ना और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चारु बांबा ने किया। उन्होंने स्वास्थ्य पेशेवरों को उभरती हुई चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जो सीधे तौर पर मरीजों के इलाज को बेहतर बनाती हैं।

ISSEM के अध्यक्ष डॉ. डॉबसन ने अपने संबोधन में बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चोट की रोकथाम से लेकर प्रदर्शन को बेहतर बनाने तक, विशेषज्ञों की एक टीम का मिलकर काम करना अनिवार्य है। इस दौरान स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरलीन उप्पल ने शैक्षणिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण मस्कुलोस्केलेटल अल्ट्रासाउंड, क्लिनिकल एक्सरसाइज फिजियोलॉजी, बायोमैकेनिक्स और मैदान पर आपातकालीन देखभाल जैसे विषयों पर आयोजित पांच व्यावहारिक कार्यशालाएं रहीं।

इन सत्रों के माध्यम से देश-विदेश से आए चिकित्सकों को आधुनिक कौशल सिखाए गए, जिससे खेल की चोटों का सटीक निदान और व्यक्तिगत पुनर्वास कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि खेल के मैदान पर आपातकालीन प्रतिक्रिया को सुधारकर जटिलताओं को कम किया जा सकता है। इस सम्मेलन ने एक बार फिर खेल चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक मानकों को अपनाने और जन स्वास्थ्य के प्रति ISSEM व स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की प्रतिबद्धता को दोहराया है।

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