पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारियों ने परखी नमो भारत की रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी. के. मिश्र ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के वरिष्ठ अधिकारियों और सलाहकार श्री तरुण कपूर के साथ देश के प्रथम दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का विस्तृत दौरा किया। इस यात्रा के दौरान आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथाला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सराय काले खां स्टेशन पर एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें 82 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर में इस्तेमाल की गई विश्वस्तरीय तकनीकों और नवाचारों की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य नमो भारत के परिचालन और यात्री सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव करना था, जिसे प्रधानमंत्री ने 2 बीती 2 फरवरी को राष्ट्र को समर्पित किया था।

प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां स्टेशन से दुहाई डिपो तक नमो भारत ट्रेन में सफर किया और यात्रियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। डॉ. पी. के. मिश्र ने स्टेशन के एकीकृत डिज़ाइन और सार्वजनिक परिवहन के विभिन्न साधनों जैसे दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह ‘नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स’ यात्रियों को निजी वाहनों को छोड़ सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। विशेष रूप से मेडिकल इमरजेंसी के लिए ट्रेनों में स्ट्रेचर ले जाने की सुविधा और समाज के हर वर्ग के लिए समावेशी यात्रा के प्रयासों को डॉ. मिश्र ने सराहा और परियोजना की सततता पर बहुमूल्य सुझाव भी साझा किए।

दौरे के दौरान एक ऐतिहासिक पल तब आया जब डॉ. मिश्र ने दुहाई डिपो में अत्याधुनिक ‘सेंटर फॉर इनोवेशन’—‘अपरिमित’ के नए परिसर का उद्घाटन किया। यह सेंटर वर्चुअल रियलिटी (वीआर), ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए ट्रेन ऑपरेटरों के प्रशिक्षण और परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने डिपो वर्कशॉप और इंस्पेक्शन बे-लाइन्स का भी दौरा किया, जहाँ ट्रेनों के रखरखाव की प्रक्रियाओं को देखा गया। इस अवसर पर देश के पहले आरआरटीएस के क्रियान्वयन की यात्रा पर आधारित एक विशेष डॉक्युमेंटेशन बुक, ‘नमो भारत: इंडियाज़ न्यू-एज मोबिलिटी’ का भी विमोचन किया गया।

एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने बताया कि नमो भारत परियोजना न केवल प्रदूषण और जाम जैसी शहरी चुनौतियों का प्रभावी समाधान है, बल्कि यह बहु-केंद्रित (पॉलिसेंट्रिक) शहरी विकास को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रही है। संपूर्ण कॉरिडोर पर परिचालन आरंभ होने के बाद इसका सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया कि भविष्य में फेज़-1 के तीनों प्राथमिकता वाले कॉरिडोर सराय काले खां पर एकीकृत होंगे, जिससे यात्रियों को एक ही स्थान से विभिन्न दिशाओं में आवागमन की अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। यह दौरा नमो भारत को देश की शहरी गतिशीलता के नए युग का प्रतीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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