अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश, तीन महिला तस्कर गिरफ्तार, 23 किलो गांजा, 28 ग्राम स्मैक और लाखों की ज्वेलरी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिला की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक अभियान के तहत एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन महिला तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 23.284 किलोग्राम गांजा, 28 ग्राम स्मैक, 252.15 ग्राम सोने के आभूषण और 2,90,230 रुपये की भारी-भरकम नगदी बरामद की है। यह गिरोह ओडिशा से गांजा मंगाकर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के विभिन्न स्लम क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था।

दक्षिण-पूर्वी जिला के एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि 5 अप्रैल को नशीले पदार्थों की आवाजाही को लेकर एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड के प्रभारी इंस्पेक्टर विष्णु दत्त के नेतृत्व में एक विशेष रणनीतिक टीम तैयार की गई थी। इस विशाल पुलिस टीम में एसआई अजीत, एसआई यशपाल, एसआई सुधीर, एएसआई उपेंद्र, एएसआई परमजीत, एएसआई कर्मवीर, महिला एएसआई पूनम, हेड कांस्टेबल मोहित, धर्मेंद्र, हिदायत, नवीन, महेंद्र, महिला हेड कांस्टेबल रामरती, हेड कांस्टेबल जोगिंदर, कांस्टेबल मनोज चौधरी और विपुल को शामिल किया गया था। टीम को सटीक सूचना मिली थी कि सराय काले खां इलाके में एक महिला तस्कर गांजे की बड़ी खेप के साथ आने वाली है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सराय काले खां में घेराबंदी की और संदिग्ध अवस्था में घूम रही एक महिला को रोका। तलाशी लेने पर उसके ट्रॉली बैग और शोल्डर बैग के भीतर बड़ी चतुराई से छिपाया गया 22.02 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पकड़ी गई महिला की पहचान दारो देवी (32 वर्ष), निवासी सुपौल, बिहार के रूप में हुई। इस बरामदगी के बाद सनलाइट कॉलोनी थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर संख्या 123/26 दर्ज की गई। दारो देवी ने पूछताछ में अपनी सहयोगी आरती का नाम उगला, जो लाजपत नगर के मद्रासी कैंप में रहती थी।

पुलिस ने तत्काल आरती के ठिकाने पर छापेमारी की और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। आरती के पास से 1.264 किलोग्राम अतिरिक्त गांजा, 2,90,230 रुपये नकद और 244 ग्राम सोने के आभूषण (10 चूड़ियां, 7 चैन और 4 बालियां) बरामद हुए। जांच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने जल विहार इलाके में सक्रिय एक अन्य तस्कर सुधा को भी 28 ग्राम स्मैक के साथ धर दबोचा। सुधा के खिलाफ लाजपत नगर थाने में अलग से मामला दर्ज किया गया है।

गहन पूछताछ में आरोपी दारो देवी ने खुलासा किया कि वह वर्तमान में नोएडा में रह रही थी और ओडिशा से गांजा लाने की मुख्य कड़ी थी। वहीं आरती ने स्वीकार किया कि वह दारो देवी द्वारा लाए गए नशे को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के छोटे इलाकों में ग्राहकों तक पहुँचाने का काम करती थी। आरती के पास से बरामद भारी मात्रा में ज्वेलरी और नकदी वास्तव में नशा बेचकर कमाए गए पैसे थे। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि इस सिंडिकेट के ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच की जा रही है ताकि ओडिशा से लेकर दिल्ली तक की पूरी सप्लाई चेन को जड़ से खत्म किया जा सके।

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