दिल्ली क्राइम ब्रांच ने टीवीएस और एएसके के नकली स्पेयर पार्ट्स बनाने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़; तीन गिरफ्तार, लाखों का माल जब्त

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नामी कंपनियों के नकली स्पेयर पार्ट्स बनाने और बेचने वाले एक अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजधानी के इंद्रलोक, झंडेवालान और मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में ताबड़तोड़ छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के दौरान टीवीएस और एएसके जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के नकली ब्रेक शू, प्रिंटेड रोल, जाली पैकिंग मटेरियल और एक पूरी प्रिंटिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को जब्त किया गया है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि विभाग को टीवीएस मोटर कंपनी और एएसके ऑटोमोटिव के नाम पर नकली स्पेयर पार्ट्स बनाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद एसीपी अशोक शर्मा के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर अजय गहलावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई संजय राणा, कपिल सिंह, एएसआई पवन, हेड कांस्टेबल सोनू, अमित और महिला हेड कांस्टेबल कुसुम शामिल थे। टीम ने कंपनियों के कानूनी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इंद्रलोक के तुलसी नगर और झंडेवालान के अशोक पहाड़ी स्थित ठिकानों पर छापेमारी की।

पुलिस ने सबसे पहले रियाजुद्दीन (51 वर्ष) और अनिल कुमार (60 वर्ष) को गिरफ्तार किया। अदालत से दो दिन की रिमांड मिलने के बाद इनकी निशानदेही पर अर्जुन कुमार (49 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया, जो अपनी प्रिंटिंग यूनिट में इन नकली पार्ट्स के लिए जाली स्टीकर और पैकिंग मटेरियल छापने का काम करता था। इस कार्रवाई से बाजार में खपने जा रहा करीब 10 लाख रुपये मूल्य का नकली माल बरामद किया गया है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 1040 जोड़ी नकली ब्रेक शू (ASK मार्क), 50 बंडल खाली पैकिंग मटेरियल, लगभग 14,000 नकली एमआरपी स्टीकर, 400 कार्डबोर्ड बॉक्स, 67,370 प्लास्टिक पैकिंग (TVS लोगो के साथ) और 10 बड़े प्रिंटेड रोल जब्त किए हैं। इसके अलावा जाली लेबल छापने वाली पूरी मशीनरी भी पुलिस के कब्जे में है।

पकड़े गए आरोपियों में से रियाजुद्दीन पहले भी सराय रोहिल्ला थाने में कॉपीराइट और ट्रेडमार्क एक्ट के तहत जेल जा चुका है। वहीं, अनिल कुमार के खिलाफ करोल बाग थाने में इसी तरह का मामला दर्ज है। ये लोग लंबे समय से नामी कंपनियों के नाम का गलत इस्तेमाल कर ग्राहकों को ठग रहे थे।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि नकली ब्रेक शू जैसे पुर्जों का इस्तेमाल दोपहिया वाहनों में सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह जाली माल दिल्ली के अलावा किन-किन राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ट्रेडमार्क उल्लंघन और जाली उत्पादों के कारोबार के खिलाफ उनकी यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।

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