पीतमपुरा में ‘बजाज फिनसर्व’ के नाम पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 12 महिलाओं समेत 19 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के बाहरी जिला की साइबर पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पीतमपुरा इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 12 महिलाओं सहित कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को ‘बजाज फिनसर्व’ और ‘बजाज ग्रुप’ का प्रतिनिधि बताकर देशभर के लोगों को कम ब्याज पर लोन और इंश्योरेंस का लालच देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से 36 मोबाइल फोन और ग्राहकों का डेटा दर्ज करने वाले कई रजिस्टर बरामद किए हैं।

बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि 7 अप्रैल को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को पीतमपुरा में एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र दलाल की देखरेख में इंस्पेक्टर राजपाल (एंटी-नारकोटिक्स) और इंस्पेक्टर गजे सिंह (एसएचओ साइबर थाना) के नेतृत्व में एक संयुक्त छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने जब बताए गए पते पर छापा मारा, तो वहां 19 लोग कीपैड और स्मार्ट फोन के जरिए लोगों को कॉल कर ठगने में व्यस्त थे, जिन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

पूछताछ के दौरान गिरोह की टीम लीडर ‘S’ और ‘G’ ने खुलासा किया कि वे लोग अलग-अलग राज्यों के बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाते थे। डीसीपी ने बताया कि आरोपी ग्राहकों को आकर्षक लोन ऑफर का झांसा देकर उनसे व्हाट्सएप पर आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज मांगते थे। विश्वास जीतने के बाद, वे रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1,500 से 2,000 रुपये व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर मंगवाते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी ग्राहकों का नंबर ब्लॉक कर देते थे या सिम कार्ड बदल लेते थे।

जांच में सामने आया कि इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड पीतमपुरा का ही एक मैनेजर है, जो इन टेली-कॉलर्स को संभावित शिकारों की लिस्ट और डेटा उपलब्ध कराता था। पुलिस अब उस मुख्य आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पकड़े गए आरोपियों में मूर्ति, देव कुमार, संजय, सरन राज, राजेश, सलाम और पिंटू कुमार शामिल हैं। पुलिस ने साइबर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

डीसीपी विक्रम सिंह ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक या व्हाट्सएप पर आने वाली एपीके फाइलों पर क्लिक न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग डिटेल, ओटीपी या केवाईसी दस्तावेज साझा न करें। यदि आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More