द्वारका स्पेशल स्टाफ ने दबोचा रणहौला थाने का घोषित अपराधी; कट्टा और कारतूस बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रणहौला थाने के एक घोषित अपराधी और तड़ीपार बदमाश विपिन उर्फ रिंकू उर्फ बोना (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक .315 बोर का देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पकड़ा गया आरोपी लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के 16 से अधिक मामलों में शामिल रहा है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि अवैध हथियारों की सप्लाई और इस्तेमाल को रोकने के लिए स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एएसआई विजय, राजेंद्र, हेड कांस्टेबल देव प्रकाश और कांस्टेबल प्रविंदर) का गठन किया गया था। टीम को 31 मार्च को गुप्त सूचना मिली कि रणहौला इलाके का एक कुख्यात अपराधी द्वारका नॉर्थ क्षेत्र में हथियार के साथ घूम रहा है।

सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध विपिन को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस ने इस संबंध में थाना द्वारका नॉर्थ में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पूछताछ में विपिन ने कबूल किया कि वह रणहौला थाने का घोषित अपराधी है और उसे वहां से तड़ीपार भी किया गया था। उसने बताया कि वह नशीले पदार्थों का आदी है और अपने नशे के खर्च व ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। वह मोहन गार्डन के डिफेंस एन्क्लेव में किराये के मकान में रह रहा था। आरोपी केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है और उसके परिवार में पिता ड्राइवर हैं। नशे की लत के कारण वह कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में उतर गया था।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी यह देशी कट्टा कहाँ से लेकर आया था और दिल्ली में उसे हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य कौन हैं। डीसीपी ने कहा कि जिले में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा।

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