रिहायशी इलाके की आड़ में नशे का काला कारोबार: पैकेट बनाते रंगे हाथ धरे गए दो तस्कर, 45 किलो से अधिक गांजा और लाखों कैश बरामद

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली की एंटी-नार्कोटिक्स स्क्वाड ने नशे के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शशि गार्डन इलाके के एक रिहायशी मकान में चल रहे नार्कोटिक्स सप्लाई मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से व्यावसायिक मात्रा में 45.760 किलोग्राम गांजा, ₹2,65,400 नकद और भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री बरामद की गई है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹23 लाख बताई जा रही है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में नशा तस्करी रोकने के लिए एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के मार्गदर्शन और एएनएस प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआई राहुल मोंगा, विकास व अन्य) का गठन किया गया था। 2 अप्रैल को टीम को पुख्ता सूचना मिली कि शशि गार्डन के जवाहर मोहल्ला स्थित एक मकान में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया है, जिसे छोटे-छोटे पैकेटों में भरकर सप्लाई किया जाना है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने संबंधित मकान पर सुनियोजित तरीके से छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने नदीम (28 वर्ष) और मोनू उर्फ अभिषेक (25 वर्ष) को रंगे हाथ गांजे की पैकिंग करते हुए दबोच लिया। तलाशी में वहां से गांजे से भरे चार प्लास्टिक बैग, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले हजारों पाउच, स्टेपलर व टेप बरामद हुए। पुलिस ने थाना पांडव नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20/25/29/61/85 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं। वे बाहरी राज्यों से भारी मात्रा में गांजा मंगवाकर रिहायशी इलाकों में किराए के कमरों में जमा करते थे ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वे इसे छोटे-छोटे पाउच में पैक कर स्थानीय नेटवर्क के जरिए दिल्ली-एनसीआर में ऊंचे दामों पर बेचते थे। आरोपियों ने बताया कि वे कम समय में मोटी कमाई के लालच में इस धंधे में उतरे थे।

पकड़े गए आरोपियों में नदीम शशि गार्डन का ही रहने वाला है, जबकि मोनू पटपड़गंज का निवासी है। हालांकि इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस अब कहाँ से माल आया और कहाँ जाना था इसकी जांच कर रही है। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि समाज को नशे की लत से बचाने के लिए ऐसे सिंडिकेट्स के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

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