अवैध एलपीजी सिलेंडर जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रैकेट का भंडाफोड़; 75 सिलेंडर बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले के थाना बवाना की टीम ने एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण, परिवहन और संदिग्ध कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित 75 एलपीजी गैस सिलेंडर और वारदात में इस्तेमाल एक टाटा एस वाहन बरामद किया है।

उत्तरी रेंज के जॉइंट सीपी विजय सिंह और आउटर नॉर्थ डीसीपी हरेश्वर स्वामी के निर्देशानुसार, बवाना थाना प्रभारी और एसीपी जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एचसी जितेंद्र और एचसी पंकज) का गठन किया गया था। 2 अप्रैल की शाम लगभग चार बजे, पुलिस टीम ने बवाना डीएसआईआईडीसी, सेक्टर-2 के डिस्ट्रिक्ट पार्क के पास जाल बिछाया और एक संदिग्ध टाटा एस गाड़ी को रोका।

गाड़ी की जांच करने पर उसमें 27 एलपीजी सिलेंडर मिले (13 घरेलू और 14 कमर्शियल), जिनमें से 17 सिलेंडर भरे हुए थे। चालक की पहचान अनिल (50 वर्ष), निवासी ग्राम ऑचंदी, दिल्ली के रूप में हुई। जब उससे इन सिलेंडरों के मालिकाना हक या परिवहन परमिट के दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका।

पूछताछ के दौरान आरोपी अनिल ने खुलासा किया कि उसने डीएसआईआईडीसी बवाना के सेक्टर-2, जी-ब्लॉक में दो कमरों और एक लोहे के केबिन में और भी सिलेंडर छिपा रखे हैं। पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर वहां से 48 और सिलेंडर बरामद किए। इस तरह कुल 75 सिलेंडर (भारत गैस, एचपी गैस, इंडेन और गो गैस) जब्त किए गए।

पुलिस के अनुसार, यह अवैध भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन था, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा था। पुलिस ने इस संबंध में थाना बवाना में बीएनएस की धारा 287/61(2) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन सिलेंडरों की सप्लाई का मुख्य स्रोत क्या है और क्या इसमें किसी गैस एजेंसी के कर्मचारी भी शामिल हैं।

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