शास्त्री नगर मेट्रो सबवे पर दिनदहाड़े गनपॉइंट 10.65 लाख की लूट में ‘मामा-भांजा’ की जोड़ी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तरी जिले के थाना सराय रोहिल्ला की पुलिस टीम ने मुस्तैदी और तकनीकी सर्विलांस का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए दिनदहाड़े हुई ₹10.65 लाख की सशस्त्र लूट की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में ‘मामा-भांजा’ की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से ₹5,51,500 नकद, वारदात में इस्तेमाल चोरी की मोटरसाइकिल और एक देशी पिस्तौल व कारतूस बरामद किए हैं।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 26 मार्च की शाम बवाना की एक सॉक्स फैक्ट्री में काम करने वाले अभिषेक प्रजापति से शास्त्री नगर मेट्रो सबवे के पास दो बाइक सवार बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। अभिषेक ने चांदनी चौक और शास्त्री नगर से कुल ₹10.65 लाख एकत्र किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सुशील कुमार के मार्गदर्शन और सराय रोहिल्ला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विकास राणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआई आयुष बजाज, एसआई सचिन जायसवाल व अन्य) का गठन किया गया।

जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के भागने के मार्ग तक लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 30 किलोमीटर के क्षेत्र की मैपिंग के बाद पता चला कि आरोपी फर्जी नंबर प्लेट वाली यामाहा बाइक का इस्तेमाल कर रहे थे। तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आरोपियों का पीछा गाजियाबाद के अंकुर विहार तक किया। 31 मार्च 2026 को पुलिस ने देव मग्गो (24 वर्ष) और उसके मामा रोहित शर्मा (34 वर्ष) को अंकुर विहार से धर दबोचा।

पूछताछ में सामने आया कि देव मग्गो ऑटो चलाता है और उसने लाहौरी गेट इलाके में भारी कैश की आवाजाही देखी थी। उसने अपने मामा रोहित के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। वारदात के लिए उन्होंने करीब 6 महीने पहले भजनपुरा से एक बाइक चोरी की थी और 15-20 दिन पहले खजुरी खास से ₹7000 में पिस्तौल खरीदी थी। आरोपियों ने बताया कि शेष राशि उन्होंने कर्ज चुकाने और घर का सामान खरीदने में खर्च कर दी। देव मग्गो पर पहले से ही चोरी और झपटमारी के 04 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब पिस्तौल के स्रोत और बाकी रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

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