ऑपरेशन कवच के तहत पश्चिमी दिल्ली 93 ठिकानों पर छापेमारी, 222 गिरफ्तार और 1,500 से अधिक हिरासत में

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए पश्चिमी जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच 13.0’ के तहत एक सघन और व्यापक सुरक्षा अभियान चलाकर आपराधिक नेटवर्क को करारा झटका दिया है। 29 मार्च की शाम से 31 मार्च की शाम तक चले इस 48 घंटे के निरंतर अभियान में जिले के सभी थानों और विशेष इकाइयों (स्पेशल स्टाफ, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एएटीएस) ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान पुलिस की टीमों ने जेजे क्लस्टर्स और संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर कुल 93 खुफिया जानकारी आधारित छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न धाराओं के तहत 222 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि इस हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य नशे के तस्करों, अवैध शराब माफियाओं और अवैध हथियार रखने वाले तत्वों की कमर तोड़ना था। नारकोटिक्स के तहत कार्रवाई करते हुए 9 तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8.894 किलो गांजा, 5.73 ग्राम हेरोइन और 20.90 ग्राम स्मैक बरामद की गई। आबकारी अधिनियम के तहत 24 मामले दर्ज कर 2198 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की गई, जबकि हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में 18 आरोपियों को दबोचकर 18 चाकू, 2 स्कूटी और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ और सार्वजनिक अनुशासन पर भी विशेष ध्यान दिया। रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई करते हुए 1,579 व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया और 182 वाहनों को दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत जब्त किया गया। जुए के 19 मामलों में 33 लोगों को गिरफ्तार कर नकदी बरामद की गई, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 254 कोटपा चालान काटकर ₹50,800 का जुर्माना वसूला गया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के समन्वित अभियानों से न केवल अवैध आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा का भाव भी बढ़ा है। पश्चिमी जिला पुलिस भविष्य में भी इस प्रकार के कड़े प्रहार जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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