ऑपरेशन कवच 13.0: बाहरी दिल्ली में पुलिस का महा-अभियान; 371 गिरफ्तार और 4,146 हिरासत में, नशे व अवैध हथियारों पर कड़ा प्रहार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में बाहरी जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच 13.0’ के तहत 48 घंटे का एक व्यापक और सघन तलाशी अभियान चलाकर आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह झकझोर दिया है। 29 मार्च की शाम से 31 मार्च 2026 की शाम तक चले इस निरंतर अभियान में जिले के सभी 10 थानों और विशेष इकाइयों (स्पेशल स्टाफ, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड, एएटीएस, एंटी-स्नैचिंग सेल) की 61 टीमों ने कुल 228 खुफिया जानकारी आधारित छापेमारी की। इस मैराथन कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न अपराधों में संलिप्त 371 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जबकि रिकॉर्ड 4,146 व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया।

बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ड्रग तस्करों, शराब माफियाओं, अवैध हथियार रखने वाले अपराधियों और असामाजिक तत्वों के सप्लाई चेन को नष्ट करना था। नारकोटिक्स के तहत 10 मामले दर्ज कर 10 तस्करों को पकड़ा गया, जिनसे भारी मात्रा में गांजा, स्मैक और नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। आबकारी अधिनियम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस ने 40 मामले दर्ज कर 5,445 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की। वहीं, हथियारों के खिलाफ की गई कार्रवाई में 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 4 देशी कट्टे, 13 बटनदार चाकू और 3 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

अभियान के दौरान पुलिस ने संगठित अपराधों पर भी नकेल कसी। जुए के 30 मामलों में 55 जुआरियों को दबोचकर ₹1,37,570 की नगदी बरामद की गई, जबकि ऑटो-लिफ्टिंग के खिलाफ कार्रवाई में 3 आरोपियों को पकड़कर 10 चोरी के वाहन बरामद किए गए। ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को मजबूत करते हुए पुलिस ने 4,146 लोगों को हिरासत में लिया और 235 वाहनों को दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत जब्त किया। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ 248 कोटपा चालान काटे गए और 5 भगोड़े अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के कड़े अभियानों से न केवल अवैध धंधों पर लगाम लगी है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव भी सुदृढ़ हुआ है। पुलिस का यह ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा।

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