रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे गए दरोगा जी! लोकायुक्त की टीम को देख छूटे पसीने, घबराहट में गीली हो गई पैंट

राष्ट्रीय जजमेंट

प्रदेश के खरगोन जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है. कसरावद थाने में पदस्थ एक कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई के दौरान दरोगा जी इस कदर घबरा गए कि उनकी पैंट तक गीली हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

केस रफा-दफा करने के नाम पर मांगी थी घूस

पूरा मामला कसरावद थाने का है, जहां एएसआई रविंद्र कुमार गुरु एक फरियादी श्यामलाल उपाध्याय पर दर्ज झूठी शिकायत को खत्म करने के नाम पर पैसों का दबाव बना रहे थे. फरियादी का आरोप है कि उसे पिछले एक-डेढ़ महीने से थाने बुलाकर प्रताड़ित किया जा रहा था. एएसआई ने मामले के निराकरण के लिए ₹20,000 की मांग की थी, जिसमें से ₹10,000 में सौदा तय हुआ. पीड़ित ने इसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त से की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया.
बस स्टैंड पर बिछाया गया जाल

लोकायुक्त की टीम के निर्देशानुसार, फरियादी श्यामलाल ₹7,000 लेकर कसरावद बस स्टैंड पहुंचा. जैसे ही एएसआई रविंद्र गुरु ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. नोटों के साथ पकड़े जाते ही आरोपी दरोगा की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई. मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि पुलिसिया धौंस दिखाने वाले एएसआई डर के मारे कांपने लगे और इसी घबराहट में उनकी पैंट गीली नजर आई.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त डीएसपी के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. लोकायुक्त अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी पिछले एक महीने से फरियादी को जांच के नाम पर परेशान कर रहा था. फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर वर्दी की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More