दिल्ली पुलिस ने ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 10 लाख की ‘एमडी’ ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने एक संगठित ड्रग सिंडिकेट के मुख्य नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो तस्करों कार्तिक मिश्रा (30 वर्ष) और विशाल (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की 99.25 ग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद की गई है। आरोपी लग्जरी कार और स्कूटी का इस्तेमाल कर नशे की खेप को सप्लाई करने की फिराक में थे।

दक्षिण-पूर्वी जिले के एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि 27 मार्च को एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड के प्रभारी इंस्पेक्टर विष्णु दत्त के नेतृत्व में एसआई सुधीर कुमार, एसआई अजीत सिंह और उनकी टीम को तैमूर नगर इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने तैमूर नगर के गुरुद्वारा रोड स्थित एसपीए गेट नंबर-1 के पास जाल बिछाया। इसी दौरान एक मारुति XL-6 कार और टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी को संदिग्ध अवस्था में रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर दोनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 99.25 ग्राम एमडी बरामद हुई, जिसकी पूरी बरामदगी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए वीडियोग्राफी भी कराई गई।

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी कार्तिक मिश्रा ने खुलासा किया कि वह कालकाजी इलाके में ‘ईगल आई कैफे’ चलाता है और इस ड्रग सप्लाई चेन का मुख्य सूत्रधार है। वहीं, दूसरा आरोपी विशाल उसका करीबी सहयोगी है, जो ड्रग्स की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई में ‘कैरियर’ के रूप में काम करता था। पुलिस ने इस संबंध में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(c)/25/29 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपियों का प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि कार्तिक मिश्रा तैमूर नगर का ही निवासी है और विशाल गोविंदपुरी इलाके में रहता है। दोनों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन वे कम समय में मोटा मुनाफा कमाने के लिए इस काले कारोबार में उतरे थे। एडिशनल डीसीपी ने आगे बताया कि एएनएस की टीमें अब नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और इस सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं।

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