डेटिंग ऐप पर ‘शेरी’ बनकर नेहरू प्लेस में मिलने बुलाया, गला घोंटकर किया बेहोश, फिर लूटे ₹7 लाख, युवती समेत पांच गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने कालकाजी क्षेत्र में डेटिंग ऐप के जरिए हनीट्रैप में फंसाकर अपहरण और लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवती सहित पांच आरोपियों नबोजित (30 वर्ष), संजय उर्फ जोई (28 वर्ष), ऋषभ (25 वर्ष), हरलीन कौर उर्फ जेनी (20 वर्ष) और साहिल चौहान को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो हुंडई ऑरा कारें और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने पीड़ित को बंधक बनाकर डरा-धमकाकर करीब 7 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजैक्शन करवाया था।

दक्षिण-पूर्वी जिले के एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि 25 मार्च को शिकायतकर्ता अनुरूप नरूला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्हें “3F” डेटिंग ऐप पर ‘शेरी’ नाम की प्रोफाइल वाली महिला ने नेहरू प्लेस मिलने बुलाया था। वहां पहुँचते ही महिला के तीन पुरुष साथियों ने उन पर हमला कर दिया और जबरन एक सफेद हुंडई ऑरा कार में डाल लिया। आरोपियों ने पीड़ित का गला घोंटकर उन्हें बेहोश करने की कोशिश की और डरा-धमकाकर यूपीआई, एटीएम निकासी और क्रेडिट कार्ड के जरिए लगभग ₹7 लाख ट्रांसफर करवा लिए। इस संबंध में थाना कालकाजी में बीएनएस की धारा 309(4), 309(6), 140(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी रतन लाल और इंस्पेक्टर आर.एस. डागर के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ की टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और फास्टैग डेटा का गहन विश्लेषण किया, जिससे वारदात में प्रयुक्त वाहनों की पहचान हुई। तकनीकी जांच के दौरान एक मोबाइल नंबर के सुराग के आधार पर पुलिस ने मालवीय नगर और छतरपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने सबसे पहले ऋषभ को उसकी कार के साथ दबोचा और फिर उसकी निशानदेही पर गिरोह की मास्टरमाइंड हरलीन उर्फ जेनी और अन्य साथियों को मालवीय नगर से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि हरलीन कौर डेटिंग ऐप पर फर्जी नाम से पुरुषों को जाल में फंसाती थी। नबोजित, जो एक मार्शल आर्ट ट्रेनर है और संजय, जो वेटरनरी डॉक्टर का सहायक है, अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों ने कबूला कि वे पीड़ित को कार में बंधक बनाकर तब तक प्रताड़ित करते थे जब तक वह पैसे ट्रांसफर नहीं कर देता था। पुलिस ने बैंक खातों में ट्रांजैक्शन राशि को ट्रैक कर लिया है। पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित शिकारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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