सात समंदर पार दुबई से रची जा रही थी कत्ल की साजिश, क्राइम ब्रांच ने करोल बाग में दबोचे केबल वाला गैंग के छह गुर्गे, अत्याधुनिक हथियार बरामद

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध और सक्रिय गिरोहों के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बहुत बड़ा प्रहार किया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शुरू किए गए विशेष अभियान ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0 के अंतर्गत वेस्टर्न रेंज-1 की टीम ने कुख्यात राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गैंग के छह खूंखार गुर्गों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पकड़े गए आरोपियों में फैज कुरैशी, माज, नवाजिश, अफाक, इमरान उर्फ तेली और अरशद उर्फ छोटा शामिल हैं। इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद हुआ है, जिसमें 9 अत्याधुनिक पिस्टल, एक राइफल और 81 जिंदा कारतूस शामिल हैं। यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस ने इसके माध्यम से विरोधी गुट के सदस्यों की हत्या करने की एक बड़ी साजिश को भी नाकाम कर दिया है।

बीती 6 मई को लिखी गई थी, जब इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय अपराधियों की निगरानी कर रही थी। पुलिस टीम को विश्वसनीय सूचना मिली कि राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गैंग के सदस्य करोल बाग स्थित एफ-बार एंड लाउंज में एकत्रित हुए हैं। क्लब के भीतर भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पुलिस ने बाहर ही घात लगाकर घेराबंदी की। तड़के करीब चार बजे जब चार संदिग्ध क्लब से बाहर आकर अपनी बलेनो कार के पास पहुंचे, तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें चारों ओर से घेर लिया। कार की तलाशी लेने पर इटली निर्मित बेरेटा जैसी अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूसों का जखीरा बरामद हुआ। शुरुआती पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी कर दो अन्य साथियों, अरशद और इमरान को भी दबोच लिया गया।

जांच के दौरान यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ये अपराधी दुबई में छिपे बैठे भगोड़े गैंगस्टर राशिद केबल वाला के सीधे संपर्क में थे। राशिद इन बदमाशों को सिग्नल एप के जरिए निर्देश भेजता था। राशिद केबल वाला, जो मकोका के तहत आरोपी है और नादिर शाह हत्या कांड जैसे जघन्य अपराधों में वांछित है, वह जेल में बंद हाशिम बाबा के साथ मिलकर गिरोह की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। यह गिरोह न केवल प्रतिद्वंद्वी गैंग के सदस्यों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, बल्कि स्थानीय स्तर पर सट्टेबाजी और क्लबों से मोटी रंगदारी वसूलने का काम भी देख रहा था।

पकड़े गए आरोपियों का काला चिट्ठा काफी लंबा है। इमरान उर्फ तेली क्षेत्र का घोषित अपराधी है, जो हत्या और 2020 के दिल्ली दंगों जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है। वहीं नवाजिश और अफाक ने हाल ही में प्रीत विहार के एक कैफे में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद खतरनाक थी, क्योंकि ये स्थानीय किशोरों को हथियारों का लालच देकर अपराध की दुनिया में शामिल कर रहे थे। राशिद केबल वाला इन बदमाशों को कानूनी खर्च और परिवार की देखभाल का आश्वासन देकर हिंसा की वारदातों के लिए उकसाता था। पुलिस अब इन हथियारों के सप्लायरों और गिरोह के अन्य मददगारों की तलाश में जुटी है, ताकि दिल्ली को इन खूंखार अपराधियों के साये से पूरी तरह मुक्त कराया जा सके।

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