शालीमार बाग से अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, मोबाइल में मिला प्रतिबंधित ऐप और बांग्लादेशी दस्तावेज

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला की फॉरेनर सेल ने अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने थाना शालीमार बाग क्षेत्र से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है, जो बिना किसी वैध पासपोर्ट या वीजा के भारत में अवैध रूप से रह रही थी। पकड़ी गई महिला की पहचान मीतू अख्तर (28 वर्ष), निवासी ढाका, बांग्लादेश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक स्मार्ट फोन बरामद किया है, जिसमें प्रतिबंधित IMO ऐप और बांग्लादेशी पहचान दस्तावेज पाए गए हैं।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि यह कार्रवाई 16 मार्च को पकड़े गए एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक रोबिउल से मिली सूचना के आधार पर की गई है। पूछताछ में रोबिउल ने खुलासा किया था कि वह बांग्लादेश से कई महिलाओं को अवैध रूप से भारत लाया है, जो आजादपुर मंडी, मैक्स हॉस्पिटल और जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के आसपास सक्रिय हैं। इस सूचना को विकसित करने के लिए एसीपी फॉरेनर सेल राजीव कुमार और इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

एसआई श्यामबीर, एएसआई विजय और उनकी टीम ने जहांगीरपुरी और आजादपुर मंडी क्षेत्र में सघन छापेमारी की। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मैक्स हॉस्पिटल के पास से एक संदिग्ध महिला को हिरासत में लिया। शुरुआत में महिला ने खुद को भारतीय नागरिक बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसके बयानों में विरोधाभास और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद उसकी असलियत सामने आ गई। फोटो साक्ष्यों और मोबाइल गैलरी में मिले बांग्लादेशी दस्तावेजों से पुष्टि हुई कि वह अवैध घुसपैठिया है।

जांच में यह भी सामने आया कि महिला के फोन में प्रतिबंधित कम्यूनिकेशन ऐप ‘IMO’ इंस्टॉल था, जिसका इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने महिला के पास मौजूद मोबाइल और दस्तावेजों को कानून के अनुसार जब्त कर लिया है। पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला को FRRO के समक्ष पेश किया गया है और उसे वापस उसके देश भेजने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस मानव तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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