सराय काले खां स्टेशन से शुरू हुआ महिला सुरक्षा का महा-अभियान, नुक्कड़ नाटकों से किया जा रहा जागरूक मुख्य समाचार

नई दिल्ली: दिल्ली के सराय काले खां ‘नमो भारत’ स्टेशन पर मंगलवार को महिला सुरक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने भारत सरकार के ‘निर्भया फंड’ के अंतर्गत ‘आकांक्षाओं के पंख’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया। पांच वर्षों तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है, बल्कि यात्रियों की सोच में बदलाव लाकर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक यात्रा परिवेश सुनिश्चित करना है। इस भावुक और प्रेरणादायी कार्यक्रम में निर्भया के माता-पिता, आशा देवी व बद्रीनाथ सिंह और प्रख्यात पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अभियान का औपचारिक शुभारंभ एक प्रभावशाली वीडियो के माध्यम से किया गया, जिसमें नमो भारत नेटवर्क पर महिला सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों को दर्शाया गया है। इसके तहत स्टेशन परिसरों के बाहर सीसीटीवी कैमरों से गहन निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और ‘नमो भारत कनेक्ट’ ऐप में आपातकालीन एसओएस सुविधा जैसे तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। साथ ही, त्वरित सहायता के लिए एक समर्पित महिला सुरक्षा हेल्पलाइन भी जारी की गई है। प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान यात्रियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

कार्यक्रम के दौरान निर्भया की माता आशा देवी ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा को याद करते हुए कहा कि नमो भारत जैसी परियोजनाएं और सुरक्षा पहलें महिलाओं के बेहतर भविष्य के लिए स्वागतयोग्य कदम हैं। वहीं, मोटिवेशनल स्पीकर ऋचा अनिरुद्ध ने तीन दशक पहले के अपने दिल्ली प्रवास और आज एक बेटी की मां होने के नाते सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन अपनी ओर से व्यवस्थाएं कर सकते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब हर व्यक्ति एक जिम्मेदार सहयात्री बनेगा।

इस अवसर पर लैंगिक सशक्तिकरण पर आधारित दो शॉर्ट फिल्मों का प्रीमियर भी किया गया और एक ‘ग्रैटिट्यूड वॉल’ का उद्घाटन हुआ। इस दीवार पर अतिथियों ने अपने जीवन की प्रेरक महिलाओं के प्रति संदेश लिखे। यह ‘ग्रैटिट्यूड वॉल’ आने वाले कुछ महीनों तक स्टेशनों पर स्थापित रहेगी ताकि आम यात्री भी इसमें भागीदारी कर सकें। अभियान के तहत लास्ट माइल कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले वाहन चालकों के लिए कार्यशाला और नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया गया। एनसीआरटीसी का यह कदम न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बना रहा है, बल्कि समाज के दृष्टिकोण को बदलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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