ये भाजपा के साथ जाने पर पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के’, अखिलेश यादव ने संजय निषाद पर कसा तंज

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के गोरखपुर में निषाद पार्टी की महारैली में यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद भाषण देते हुए फूट-फूटकर रोने लगे। उन्‍होंने कहा कि हमारे समाज का वोट छीनने की कोशिश हुई। सपा ने हमारे समाज के लोगों को पढ़ने-लिखने नहीं दिया। बसपा ने हमारे युवकों की रोजी रोटी छीन ली। इस बीच, सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ने संजय निषाद के रोने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर तंज कसा है।
अपने X अकाउंट पर अखिलेश यादव ने लिखा है- ‘ये भाजपा के साथ जाने पर पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के? पीड़ा बढ़ रही है… पीड़ित बढ़ रहे हैं… इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है। जनता कह रही है कि इस वीडियो के बैकग्राउंड में जो गाना हमें सुनाई दे रहा है वो हमारा भ्रम है या सच है : हम थे जिनके सहारे वो हुए न हमारे।’

2019 से पहले सपा के साथ थी निषाद पार्टी
गौरतलब है कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी सपा के साथ थी। 2018 में हुए गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा ने संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को खड़ा किया था और उन्‍होंने जीत भी हासिल की। करीब 40 साल बाद गोरखपुर सीट निषाद पार्टी की मदद से सपा के खाते में गई थी। 2019 लोकसभा चुनावों में सीटों के विवाद में निषाद पार्टी का सपा से गठबंधन टूट गया था। तभी से निषाद पार्टी एनडीए गठबंधन में है।

‘हमारे लोगों को वोट छीना जा रहा है’
इससे पहले, गोरखपुर महारैली में संजय निषाद ने कहा कि वह हमने अंग्रेजों को मारकर देश को आजाद कराया। हमारा हक हिस्‍सा बनता है। हमारे वंशजों को दर दर की ठोकर खानी पड़ रही है। हमारे लोगों का वोट छीना जाता है। जब हमारी बहन और बेटियों की इज्‍जत लूटी जाती है तो विरोधी आरोपियों के साथ खड़े होते हैं। यह सब कहते कहते संजय निषाद भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे।

निषाद समाज को एसएसी वर्ग में शामिल करने की मांग
महारैली में संजय निषाद ने अपने समाज के लोगों को एससी वर्ग में शामिल करने और आरक्षण देने की मांग की। उन्‍होंने कहा कि यूपी की लगभग 160 सीटों पर निषाद मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पार्टी इन सीटों पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए कमर कस रही है। गोरखपुर के बाद यूपी में तीन और रैलियां की जाएंगी। इसके जरिये निषाद समाज के लोगों को एकजुट किया जाएगा।

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