राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर एमसीडी के सभी स्कूलों और दफ्तरों में किया सामूहिक गायन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार को पूरी दिल्ली राष्ट्रभक्ति के रंगों में सराबोर नजर आई। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने इस उपलक्ष्य में सिविक सेंटर स्थित मुख्यालय सहित सभी 12 क्षेत्रीय कार्यालयों और निगम विद्यालयों में भव्य सामूहिक गायन का आयोजन किया। सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में निगमायुक्त संजीव खिरवार, अतिरिक्त आयुक्त और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों सहित हजारों कर्मचारियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत का गान कर राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की।

निगम प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान का उद्देश्य न केवल ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाना था, बल्कि नई पीढ़ी और कर्मचारियों के भीतर राष्ट्र निर्माण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना था। मुख्यालय के साथ-साथ निगम के सभी 12 जोनों में क्षेत्रीय उपायुक्तों के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किए गए। सबसे उत्साहजनक दृश्य निगम विद्यालयों में देखने को मिला, जहां लाखों छात्रों ने एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष किया। शिक्षाविदों का मानना है कि इस तरह के सामूहिक आयोजनों से छात्रों के भीतर राष्ट्र चेतना का सृजन होता है और वे देश के सांस्कृतिक गौरव से जुड़ते हैं।

इस अवसर पर निगमायुक्त संजीव खिरवार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम की शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। इसके सामूहिक गायन से हमारे भीतर स्वयं को राष्ट्र के प्रति समर्पित करने की भावना प्रबल होती है। उन्होंने निगम कर्मियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय प्रेरणा को अपने कार्य में उतारें और दिल्ली को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से अपना योगदान दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्र सेवा की शुरुआत अपने शहर की सेवा से होती है।

मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह देशभक्तिमय रहा। वंदे मातरम् की गूंज से केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति जोश से भर उठा। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच कार्यकुशलता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भाव जगाना भी है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने दिल्ली की स्वच्छता और विकास के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लिया।

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