41 पुलिस की टीमें, 108 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, पश्चिमी दिल्ली में 52 अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के पश्चिमी जिला पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से एक व्यापक और सघन अभियान “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” चलाया। यह ऑपरेशन 5 मई की सुबह आठ बजे से 7 मई की सुबह आठ बजे तक पूरे जिले में एक साथ चलाया गया। इस मेगा ऑपरेशन के लिए पुलिस थानों और ऑपरेशन यूनिट से 41 विशेष समर्पित टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने निर्दिष्ट लक्ष्यों पर कार्रवाई की। इस 48 घंटे के अभियान के दौरान पुलिस ने स्थानीय और अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े 52 अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनमें कई घोषित अपराधी और गैर-जमानती वारंट वाले आरोपी शामिल हैं।

अभियान के दौरान पुलिस की टीमों ने पश्चिमी दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न शहरों में गैंगस्टरों के 108 ठिकानों और परिसरों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जिसमें 22 चाकू, 3 देसी कट्टे, 5 जिंदा कारतूस और एक अत्यधिक आधुनिक इटली निर्मित पिस्टल शामिल है। इसके अलावा, पुलिस ने ₹8,56,690/- की नकदी, 2 चोरी की मोटरसाइकिलें और 3 मोबाइल फोन भी बरामद किए। नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3.57 ग्राम हेरोइन और 530 क्वार्टर अवैध शराब भी जब्त की गई। यह ऑपरेशन स्पेशल स्टाफ, एएटीएस, एंटी-नारकोटिक्स सेल और स्थानीय पुलिस टीमों के बीच एक बेहतर समन्वय का परिणाम था।

इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता स्पेशल स्टाफ को मिली, जिसने तिलक नगर स्थित एलिवेटेड रोड के पास एक रणनीतिक जाल बिछाकर कुख्यात अपराधी आशुतोष उर्फ आशु (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से इटली की प्रसिद्ध कंपनी “पिएत्रो बेरेटा” की बनी एक अत्याधुनिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वह इस हथियार को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था और इसके तार बिहार के मुंगेर जिले के एक सप्लायर नितेश से जुड़े हुए हैं। इस संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर हथियार की सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है।

“ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के दौरान विशेष रूप से सलमान त्यागी गैंग, हिमांशु भाऊ गैंग, काला जठेड़ी गैंग और नीरज बवानिया गैंग जैसे सक्रिय आपराधिक समूहों को निशाना बनाया गया। छापेमारी के दौरान इन गिरोहों के 48 संदिग्धों की पहचान की गई और उनके खिलाफ बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। विकासपुरी और इंद्रपुरी थानों ने भी मादक पदार्थों और अवैध शराब के वितरण नेटवर्क पर केंद्रित प्रहार किया, जिसमें भारी मात्रा में ड्रग्स और शराब की बरामदगी हुई।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि यह ऑपरेशन तकनीकी निगरानी, फील्ड इंटेलिजेंस और जिला स्तर पर समन्वित कार्रवाई की सफलता का प्रमाण है। दिल्ली पुलिस संगठित अपराध सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गिरफ्तार किए गए गैंग के सदस्यों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज, अवैध हथियारों के सप्लायरों और उनके वित्तीय प्रबंधकों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है। पश्चिमी जिले में भविष्य में भी इस तरह के सख्त अभियान जारी रहेंगे।

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