शास्त्री नगर मेट्रो के पास हुई डकैती का पर्दाफाश, 3 लुटेरे गिरफ्तार, ₹15.95 लाख नकद और पिस्तौल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिला अंतर्गत थाना सराय रोहिल्ला की टीम ने मुस्तैदी और सटीक जांच का परिचय देते हुए शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास हुई ₹23 लाख की सशस्त्र लूट के मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन कट्टर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से ₹15.95 लाख नकद, एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू (31 वर्ष), संदीप (39 वर्ष) और सागर (30 वर्ष) के रूप में हुई है।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि 23 फरवरी को किशनगंज स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारी कुलदीप शर्मा से उस वक्त लूट हुई थी, जब वह लॉरेंस रोड से ₹23 लाख कलेक्ट कर ऑफिस लौट रहा था। शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास बाइक सवार बदमाशों ने गनपॉइंट पर उससे रुपयों से भरा बैग छीन लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सुशील कुमार के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी विकास राणा के नेतृत्व में एसआई सचिन, विजय मान और उनकी टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस टीम ने घटनास्थल और लॉरेंस रोड से लेकर किशनगंज तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि तीन लोग शुरू में केशव पुरम में साथ थे, जिनमें से एक संदिग्ध (कालाराम) बाद में अलग हो गया। पुलिस ने कालाराम का पीछा करते हुए उसकी पहचान राजस्थान के सिरोही जिले के निवासी के रूप में की। कालाराम के भाग जाने के बाद तकनीकी विश्लेषण के जरिए दिल्ली के भालस्वा डेयरी से मोनू को दबोचा गया, जिसके पास से पिस्तौल और ₹3.95 लाख मिले।

मोनू ने पूछताछ में बताया कि पूरी साजिश उसने और कालाराम (फरार) ने रची थी। कालाराम ने ही कैश मूवमेंट की जानकारी दी थी। मोनू ने हथियार और बाइक का इंतजाम किया, जबकि लूट को अंजाम देने की जिम्मेदारी संदीप और सागर को सौंपी गई। पुलिस ने लगातार छापेमारी कर 19 मार्च को संदीप को मंगोलपुरी से पकड़ा और उसकी निशानदेही पर सागर को भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी मोनू पहले से ही हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट के तीन मामलों में शामिल है और जहांगीरपुरी थाने के ‘हत्या के प्रयास’ मामले में वांछित था। वहीं संदीप और सागर के खिलाफ भी लूट और डकैती के कई संगीन मामले दर्ज हैं। ये सभी नशे के आदी हैं और जेल से बाहर आने के बाद फिर से वारदातों में शामिल हो गए थे। पुलिस अब इस मामले के मुख्य सूत्रधार कालाराम की गिरफ्तारी और शेष राशि की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

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