एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़; 21 किलो गांजा और स्मैक जब्त, दो सप्लायर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के पूर्वी जिला की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशे के खिलाफ जारी अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 21 किलो 730 ग्राम गांजा और 46 ग्राम स्मैक बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹12 लाख आंकी जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को भी जब्त कर लिया है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि ड्रग्स के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत एसीपी (ऑपरेशंस) पवन कुमार के मार्गदर्शन और ANS प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में एएसआई अरुण, अमित और हेड कांस्टेबल प्रदीप व विवेक सहित अन्य जवान शामिल थे। 11 और 12 मार्च की दरमियानी रात को टीम को सूचना मिली कि गाजियाबाद के दो तस्कर स्कूटी से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर दिल्ली की ओर आ रहे हैं।

सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने खिचड़ीपुर बस स्टैंड (NH-24) के पास घेराबंदी की। रात के अंधेरे में जब स्कूटी सवार दो संदिग्ध वहां पहुँचे, तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद दो सफेद बैगों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। साथ ही, आरोपी फिरोज खान के पास से 46 ग्राम स्मैक भी मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना कल्याणपुरी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान अकबर (36 वर्ष) और फिरोज खान (41 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया कि फिरोज खान एक शातिर अपराधी है, जिस पर नोएडा में यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है और वह पहले 4 बार नशा तस्करी में जेल जा चुका है। वहीं, अकबर के खिलाफ दिल्ली में चोरी और सेंधमारी के 07 मामले पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी से नशीले पदार्थ लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करते थे। पुलिस अब इन तस्करों के ‘फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह खेप कहाँ से लाए थे और दिल्ली में किन-किन लोगों को सप्लाई की जानी थी।

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