कूचा महाजनी में ज्वेलर के साथ 54 लाख की धोखाधड़ी, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मास्टरमाइंड नौकर समेत तीन को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (साइबर सेल) ने कूचा महाजनी के एक सर्राफा व्यापारी के साथ हुई 54 लाख रुपये की धोखाधड़ी और चोरी के मामले को सुलझाते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रूपेश कुमार (24 वर्ष), सचिन उर्फ विकास (24 वर्ष) और पवन कुमार (21 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सोनिया विहार, दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹31.5 लाख नकद, ₹18 लाख की बैंक डिपॉजिट रसीदें और वारदात के पैसों से खरीदी गई एक वैगन-आर कार बरामद की है। मुख्य आरोपी रूपेश व्यापारी का कर्मचारी था, जिसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस बड़ी चोरी को अंजाम दिया था।

डीसीपी (साइबर सेल, क्राइम) आदित्य गौतम ने बताया कि 6 फरवरी को थाना कोतवाली में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़ित व्यापारी ने बताया कि उनका कर्मचारी रूपेश 5 फरवरी की शाम ₹54 लाख लेकर भुगतान करने निकला था, लेकिन वह पैसे लेकर फरार हो गया। एसीपी पाटिल स्वागत राजकुमार के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के नेतृत्व में एसआई परवेश राठी, डब्ल्यू/एसआई शबनम सैफी और अन्य जवानों की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। 5 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लूटी गई रकम का बंटवारा करने के लिए खजुरी खास फ्लाईओवर के पास इकट्ठा होने वाले हैं। पुलिस ने जाल बिछाकर रूपेश और सचिन को दबोच लिया, जिनकी निशानदेही पर उनके तीसरे साथी पवन को भी गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रूपेश ने खुलासा किया कि वह पिछले कुछ समय से कूचा महाजनी में हरिओम खंडेलवाल की दुकान पर काम कर रहा था। मालिक का उस पर अटूट विश्वास था, जिसका फायदा उठाकर उसने अपने दोस्तों सचिन और पवन के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने योजना बनाई थी कि जब भी मालिक कोई बड़ी रकम देगा, वे उसे लेकर दिल्ली से फरार हो जाएंगे और मामला शांत होने पर वापस आकर अपना खुद का काम शुरू करेंगे। 5 फरवरी को जब मालिक ने उसे चांदी खरीदने के लिए ₹54 लाख दिए, तो वह योजना के मुताबिक पैसे लेकर गायब हो गया और शहर से बाहर जाकर छिप गया।

पुलिस ने बरामदगी का विवरण देते हुए बताया कि मुख्य आरोपी रूपेश से ₹27 लाख नकद, सचिन से ₹2.5 लाख और पवन से ₹2 लाख नकद के साथ-साथ ₹18 लाख की बैंक जमा रसीदें मिली हैं। आरोपियों ने चोरी की रकम का एक बड़ा हिस्सा आपस में बांट लिया था और पवन ने अपने हिस्से के पैसों से एक नई कार भी खरीद ली थी। पुलिस ने सभी बरामद सामान और नकदी को जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि शेष राशि का पता लगाया जा सके।

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